सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में लापता चल रहे क्षेत्र के किसान सुभाष की सिरकटी लाश पोस्टमार्टम के बाद बुड्ढाखेड़ा गांव में पहुंची तो परिवार वालों के साथ ही ग्रामीणों ने पुलिस और अधिकारियों से मांग की कि पहले सिर तलाश करके लाओ, उसके बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।
देर शाम तक पुलिस और अधिकारी ग्रामीणाें को समझाने का प्रयास करते रहे। मगर वे जिद पर अड़े रहे। बता दें कि लापता किसान की तलाश कर रही पुलिस को हिंडन के अंदर बोरे में बंद सिर कटी लाश मिली थी।
बाद में शव की शिनाख्त गांव बुड्ढाखेड़ा के सुभाष के रूप में हुई थी। सोमवार शाम चार बजे जैसे ही सुभाष का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा तो बिना सिर के शव को देख कर परिवार में कोहराम मच गया।
इसके बाद परिवार वालों और अन्य ग्रामीणों ने शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि पहले कटा हुआ सिर लाकर दिया जाए। इसके बाद ही पूरे शरीर के साथ संस्कार किया जाएगा।
ग्रामीणाें का गुस्सा देख एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह, सीओ मुकेश मिश्रा, एसडीएम मनोज कुमार सिंह, कोतवाली प्रभारी वेदपाल गिरी भारी पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंचे।
अफसरों ने कहा कि वह शव का अंतिम संस्कार कर दें। हत्यारोपी हर हाल में पकड़े जाएंगे। लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। भाजपा विधायक देवेंद्र निम भी पहुंचे।
रामपुर मनिहारान, सरसावा, नकुड़ थानों की पुलिस बुला ली गई। पूर्व ब्लाक प्रमुख चौधरी कर्ण सिंह, कल्याण सिंह, जितेन्द्र कुमार, मेघराज सिंह, बिरम सिंह आदि मौजूद रहे।
उधर, सोमवार को रामपुर मनिहारन के विधायक देवेंद्र निम के नेतृत्व में लोग एकत्रित होकर एसएसपी कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई कराए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि ग्राम बुड्ढा खेड़ा निवासी 58 वर्षीय सुभाष 18 मई की सुबह 4 बजे सरकारी नलकूप पर पानी चलाने के लिए गया था।
रविवार को हिंडन नदी में एक बोरे में उसका सिर कटा शव मिला था। इस मामले में विधायक देवेंद्र निम ने एसएसपी से मृतक का सिर बरामद करवाए जाने की मांग की है। जिससे परिजन मृतक के शरीर का अंतिम संस्कार कर सकें।
एसएसपी से मिलने वालों में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी, राजेंद्र कुमार, वेदपाल, विक्रम, बिरमपाल, करण सिंह, प्रदीप, नेत्रपाल, डा. महक सिंह, देशराज, राधेश्याम, ब्रह्म सिंह, अर्जुन सिंह, पीतांबर सिंह आदि रहे।