थाना कुतुबशेर के पास शनिवार रात हुए खूनी संघर्ष के मामले में रविवार को हत्या और जानलेवा हमले करने के आरोप में दूसरे पक्ष के पिता पुत्र समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इस प्रकरण में पुलिस ने आरोपी चाचा-भतीजे को गिरफ्तार कर लिया है। उधर, पोस्टमार्टम कराने के बाद दोपहर बाद मृतक का अंतिम संस्कार करा दिया गया।
संघर्ष में कारोबारी सतपाल छाबड़ा के बेटे कर्मवीर की हत्या और छाबड़ा पर जानलेवा हमला करने सहित अन्य धाराओं में यह मुकदमा दर्ज कराया गया। पटेल नगर निवासी सतपाल छाबड़ा की ओर से दिए गए बयान के आधार पर माधव प्रसाद गली निवासी और छाबड़ा के कार्यालय के पास ही गोदाम के स्वामी भूपेंद्र सिंह बत्रा, उसके बेटे गुरु प्रताप उर्फ हन्नी, भाई अमरजीत, भतीजे सन्नी और किशनपुरा नाला पटरी निवासी गुरप्रीत सिंह उर्फ राजू के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 302, 307, 341, 504 के तहत रिर्पोट दर्ज की गई।
घायल सतपाल छाबड़ा की ओर से बताया गया कि एक जमीन के हिस्से और पूर्व में किए गए जानलेवा हमले के मामले में भूपेंद्र सिंह का परिवार उससे रंजिश रखता है मामला कोर्ट में है। रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार रात जब वह अपने पुत्र कर्मवीर सिंह के साथ अपने दफ्तर से कार में प्रीटिंग प्रेस की तरफ जा रहा था तो अपने गोदाम के सामने भूपेंद्र सिंह बत्रा ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर उसकी कार को रुकवा लिया।
आरोप है कि इसके बाद उसे और उसके पुत्र को जबरन कार से बाहर खींचकर सरियों, चाकुओं और कृपाणों से हमला किया। बाद में सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची। थाना प्रभारी शैलेंद्र शर्मा ने बताया कि इस घटना में कर्मवीर की मौत और सतपाल छाबड़ा के जख्मी होने के बाद कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया था। आरोपी भूपेंद्र और उसका भतीजा सन्नी गिरफ्तार किए गए हैं। तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
जमीन पर कब्जे की जिद ने छीन ली जिंदगी
सहारनपुर। जमीन पर दो परिवारों के कब्जा करने की जिद ने शनिवार रात संघर्ष के दौरान प्रापर्टी कारोबारी सतपाल छाबड़ा के बेटे कर्मवीर की जिंदगी छीन ली जबकि पिता गंभीर हालत में हायर सेंटर भर्ती है। करोड़ों की संपत्ति होने के बावजूद समाज के दो परिवारों में छोटे से टुकड़े पर कब्जे की जिद ने ऐसे हालात पैदा कर दिए।
बेटे की मौत और पिता के जख्मी होने के बाद रविवार को पटेल नगर स्थित सतपाल छाबड़ा के आवास पर सिख समाज के लोगों के साथ शहर के अन्य नागरिक शोक व्यक्त करने पहुंचे। छाबड़ा के कुछ पड़ोसी दुकानदारों और व्यापारियों ने बताया कि छाबड़ा कांप्लेक्स के पास ही जमीन के एक छोटे से टुकड़े को लेकर काफी समय से इस परिवार का भूपेंद्र और हन्नी के परिवार से विवाद चला आ रहा था। दो पक्षों के दावों के बीच कोर्ट में काफी समय से मामला चल रहा था।