सहारनपुर में हसनपुर पुलिस चौकी के पास से फर्जी अल्ट्रासाउंड सेंटर पकड़ा गया है। सोमवार की शाम को भ्रूण का लिंग परीक्षण करते हुए हरियाणा पुलिस की टीम ने हसनपुर पुलिस चौकी के पास से पकड़ा।
इसमें लिंग जांच कर रहे डॉक्टर और उसके साथी के अलावा इस काम में मध्यस्थता कर रही एक महिला को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अल्ट्रासाउंड मशीन को भी जब्त कर लिया है। इसके अलावा आरोपियों से पूछताछ कर इस मामले में अन्य सुराग भी तलाशे जा रहे हैं।
हसनपुर चुंगी से रजवाहे की ओर डा. ब्रजपाल पुत्र पूरब सिंह निवासी गोविंदनगर का शिव क्लीनिक है। वह अपने साथी अजीत पुत्र बिंदू निवासी नकुड़ के साथ मिलकर फर्जी तरीके से अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर चला भी चला रहा था।
क्लीनिक के ऊपरी हिस्से में मशीन लगाकर यहां भ्रूण का लिंग परीक्षण कराया जाता था। सबसे बड़ी बात यह है कि यह पूरा खेल हरियाणा की एक महिला के साथ मिलकर चल रहा था।
इसमें हरियाणा के अलग-अलग इलाकों से प्रसूता को लाया जाता था और उनके भ्रूण का लिंग जांच कराया जाता है। आरोप यह भी है इसी जगह पर गर्भपात तक भी कराया जाता था। इसकी भनक हरियाणा पुलिस को लगते ही वह गुपचुप तरीके से इस क्लीनिक की रेकी में लग गई।
हरियाणा पुलिस ने डॉक्टर के पास जाकर उससे लिंग परीक्षण का पूरा सौदा किया। इसी बीच वहां एक परिवार के लोग भी पहुंचे थे। पुलिस ने रंगेहाथ ही उस फर्जी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर लिंग परीक्षण होते पकड़ा। इस कार्रवाई से वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
हरियाणा पुलिस ने सदर बाजार पुलिस से संपर्क किया और मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट आरपी गुप्ता, एसीएमओ डा. गीताराम, एसएसआई सुनील दत्त सहित अन्य लोग पहुंच गए। वहां से आरोपियों को हसनपुर चुंगी लाई। इसके बाद अल्ट्रासाउंड मशीन को भी जब्त कर थाने लाया गया।
एसएसआई सुनील दत्त ने बताया कि वहां डॉक्टर और उसके साथी के अलावा एक महिला भी मौजूद थी। विमला पत्नी मेहरचंद निवासी सेक्टर चार करनाल की निवासी है। हरियाणा पुलिस ने तीनों को सदर थाने को सौंप दिया है। इन्हें गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
हरियाणा पुलिस की इस कामयाबी के बाद एक बार फिर सहारनपुर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा है। इससे पहले हरियाणा पुलिस ने कुतुबशेर इलाके में अंबाला रोड पर भी फर्जी अल्ट्रासाउंड सेंटर से भ्रूण जांच का मामला पकड़ा था।
इसके बाद पूरे जिले के अल्ट्रासाउंड संचालकों में हड़कंप मच गया था। कई तो दुकान बंद कर फरार हो गए। अब, सवाल यह है कि पुलिस की नाक के नीचे चल रहे इन अल्ट्रासाउंड सेंटर्स पर आखिर स्थानीय पुलिस कार्रवाई से क्यों बचती है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार की गई महिला विमला मरीजों और डॉक्टर के बीच मध्यस्थता की भूमिका में रहती थी। वह हरियाणा के अलग-अलग शहरों से प्रसूताओं को लाती थी। वह पहले से रेट तय करती थी और लिंग परीक्षण के बाद वह डॉक्टर को तय फीस देती थी। यह महिला सैकड़ों प्रसूताओं की जांच यहां से करवा चुकी थी।