सहारनपुर के गंगोह के गांव बुड्ढ़ाखेड़ा में देर रात दो संप्रदाय के लोगों में बच्चों के बीच हुए विवाद के बाद खूनी संघर्ष हो गई। दोनों ओर से धारदार हथियारों एवं लाठी-डंडों से जमकर मारपीट की गई, जिसमें दोनों पक्षों से आठ महिलाओं सहित 18 लोग घायल हो गए।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया जिनमें से आठ को जिला अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर दो लोगों को हिरासत में ले लिया।
एसपी देहात भी आधी रात तक सीएचसी और कोतवाली में ही डेरा डाले रहे। गांव में पुलिस एवं पीएसी तैनात की गई है। मामले में एक पक्ष के संदीप की ओर दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया गया कि शुक्रवार रात उसके चाचा का बेटा मुकुल अपने मोबाइल पर बात कर रहा था।
तभी मुजम्मिल वहां पहुंचा और उसका मोबाइल झपट कर भाग गया। जब वह उससे मोबाइल लेने गया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं बल्कि आरोपी हारिश, अलीजवान, मुजम्मिल, शौकीन, गफ्फार, नाजिम, लाला, जमशैद, खालिद और सादिक उसके घर में घुस आए और धारदार हथियारों से हमला बोल दिया।
मारपीट में मुकुल, राजकुमार, प्रदीप, कृष्णा, संदीप, राजेश, पूजा, कुसुम, शिवानी, रजत घायल हो गए। दूसरे पक्ष के अलीजवान पुत्र मजहर हसन द्वारा दर्ज कराई रिपोर्ट के अनुसार उसका नाबालिग पुत्र मुजम्मिल गांव निवासी जिशान के घर इफ्तार पार्टी से खाना लेकर जा रहा था।
रास्ते में कृष्ण, मुकुल, रजत, सुमन, संदीप और प्रदीप मुजम्मिल को रोककर उसके साथ गाली-गलौच करने लगे। आरोप है कि आरोपी उसे कहने लगे कि आज तक तो तुम लोगों ने जकात खाई है और अब तुम लोगों को बहुत चावल बांट रहे हो।
विरोध करने पर उन्होंने मुजम्मिल के साथ मारपीट की जिसमें वह घायल हो गया। उसने प्रधान हारिश के घर में घुसकर अपनी जान बचाई। आरोप है कि तभी अशोक, राजकुमार, दीपक, प्रदीप, संदीप, शुभम, रजत, मुकुल, कृष्णा, राजेश आदि लोग वहां पहुंचे और लाठी-डंडों एवं तलवारों से उन पर हमला बोल दिया।
इसमें ग्राम प्रधान मोहम्मद हारिश, सादिक, मुजम्मिल, साबरा, अलीजवान, शौकीन, जमीला, नसीमा और जुल्फाना घायल हो गए। दोनो पक्षों की ओर से गंभीर रूप से घायल राजकुमार, मुकुल, कृष्णा, प्रदीप, अली जवान, शौकीन, हारिश और साबरा को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने संदीप और अलीजवान को हिरासत में ले लिया है।