सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में रास्ते में दरवाजा खोलने को लेकर जीजा-साले के बीच खूनी संघर्ष में घायल साले की नौ दिन बाद उपचार के दौरान मौत हो गई।
परिजनों ने अस्पताल से शव लाकर कार्रवाई की मांग करते हुए उसे थाने के गेट पर रख दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। मृतक के भाई की तहरीर पर जीजा और दो भांजों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
रामपुर मनिहारान थाना क्षेत्र के गांव जगरौली निवासी रणजीत सिंह और उसके साले सेवाराम पुत्र रामकला के घर पास-पास में हैं। घर के पास रास्ते में दरवाजा खोले जाने को लेकर सात फरवरी को जीजा साले में विवाद हो गया था।
इस विवाद में दोनों ओर से जमकर लाठी डंडे चले। संघर्ष में 60 वर्षीय सेवा राम गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे उपचार के लिए सहारनपुर के एक नर्सिंग होम में भरती कराया गया था।
जहां उपचार के दौरान बृहस्पतिवार को उसकी मौत हो गई। उसकी मौत के बाद परिजन शव को लेकर थाने पहुंचे और उसे गेट पर रखकर कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक सेवाराम के भाई फूल सिंह की तहरीर पर जीजा रणजीत सिंह और उनके दोनो बेटों महेंन्द्र व लोकेश के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। थाना प्रभारी प्रमोद कुमार ने कहा कि आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है।