सहारनपुर में नगर कोतवाली के किला नवाबगंज क्षेत्र के निवासी नसीर अहमद की 20 वर्षीय बेटी अलीशा की हत्या का हैरतअंगेज खुलासा सामने आया है।
इस हत्याकांड में अलीशा के शौहर और फूफा को गिरफ्तार करते हुए पुलिस ने खुलासा किया कि इन दोनों ने ही घंटों कार में घुमाने के बाद हाई डोज नशीली गोलियां खिलाने के बाद बेसुध हालत में उसी के दुपट्टे से गला घोंटकर अलीशा की हत्या कर दी गई।
बाद में उसके शव को हलालपुर के पास फेंक दिया गया था। शौहर के साथ जबरदस्ती रहने की जिद ने ही अलीशा की जिंदगी छीन ली। एसपी देहात जगदीश शर्मा, एसपी सिटी महेंद्र सिंह यादव और नगर कोतवाल संजय पांडेय की मौजूदगी में गिरफ्तार आरोपियों के साथ यह खुलासा किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 29 मार्च को अलीशा घर से अपनी बुआ के घर वर्धमान कालोनी में जाने की बात कहकर शाम छह बजे निकली थी लेकिन जब वहां नहीं पहुंची तो परिजन परेशान हो गए।
काफी खोजने के बाद वह नहीं मिली तो 30 मार्च को नगर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। इसी बीच, 31 मार्च को अलीशा का शव देहात कोतवाली क्षेत्र के हलालपुर के पास सड़क किनारे गड्ढे में पड़ा मिला।
इस मामले में छानबीन के बाद अलीशा के शौहर डिफेंस कालोनी निवासी सुहेल और वर्धमान कालोनी निवासी फूफा नौशाद को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से हत्या के दौरान इस्तेमाल की गई कार, नशे की गोलियां और मृतका का मोबाइल बरामद किया है।
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि अलीशा और सुहेल के बीच प्रेम संबंध थे। इसका सुहेल के परिजन विरोध करते थे। इन्हीं संबंधों के कारण अलीशा गर्भवती तक हो गई थी। इस मामले में पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर सुहेल को इस हालात के लिए जिम्मेदार बताया गया था।
बाद में पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता कराकर निकाह भी करा दिया। मगर सुहेल अलीशा को साथ ले जाने के लिए तैयार नहीं था।उधर, अलीशा की हत्या में शामिल होने के बारे में पूछने पर उसके फूफा नौशाद ने मीडिया को बताया कि वह सुहेल और अलीशा के मामले को लेकर लगातार हो रही बदनामी से आजिज आ चुका था। इसीलिए उसकी हत्या में शौहर का साथ दिया।
हत्या से पहले अलीशा को घंटों कार में घुमाया ः प्लान के मुताबिक 29 मार्च को जब अलीशा वर्धमान कालोनी में फूफा नौशाद के पास पहुंची तो वहां से नौशाद और सुहेल उसे कार में बैठाकर ले गए।
चिलकाना बस अड्डे पर पहुंचने के बाद अलीशा को मिठाई खिलाई गई। इसी मिठाई में नशीली दवाएं दी गईं। इसके चलते कुछ ही देर में अलीशा बेसुध हो गई और गाड़ी में ही उसके दुपट्टे से ही गला घोंटकर उसे मार दिया गया।
पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी रात तक कार में ही लाश को इधर-उधर घुमाते रहे। फिर चिलकाना रोड पर हलालपुर के पास पहुंचकर उसका शव सड़क किनारे गड्ढे में फेंक दिया।