सहारनपुर की कुतुबशेर पुलिस ने मुठभेड़ के बाद सदर हवालात से बुधवार को फरार हुए 4 में से एक बंदी 12 हजार के इनामी नदीम उर्फ बिल्लू सांडा को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस से बिल्लू सांडा की मुठभेड़ सबदलपुर के तिराहे के पास हुई। पुलिस ने बिल्लू के पास से एक तमंचा एवं बाइक बरामद कर ली है। सदर हवालात से बुधवार को चार पुलिसकर्मियों को चकमा देकर दिनदहाड़े रोशनदान तोड़कर चार बंदी फरार हो गए थे।
एसएसपी भारत सिंह यादव ने उनकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगा दी थी। एसएसपी ने बताया कि शुक्रवार की सुबह 7 बजे कुतुबशेर पुलिस को फरार हुए बंदियों में से एक बंदी नदीम उर्फ बिल्लू सांडा के सबदलपुर तिराहे पर होने की सूचना मिली।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी जितेंद्र कालरा ने पुलिस टीम के साथ पहुंचकर नदीम उर्फ बिल्लू सांडा की घेराबंदी कर ली। खुद को घिरा देखकर बिल्लू ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
पुलिस ने मुठभेड़ के बाद नदीम उर्फ बिल्लू सांडा निवासी 62 फुटा रोड टावर वाली गली, कोतवाली मंडी को दबोच लिया। पुलिस ने नदीम के पास से एक तमंचा, चार कारतूस एवं चोरी की एक बाइक बरामद की है।
एसएसपी भारत सिंह यादव ने बताया कि पूछताछ के दौरान पकड़े गए बंदी ने बताया कि हाईकोर्ट से उसकी बेल खारिज हो गई थी एवं सजा होने की पूरी संभावना थी। सजा से बचने के लिए सदर हवालात की कमरे के रोशनदान की लोहे की ग्रिल तोड़कर फरार हुआ।
एसएसपी ने बताया कि नदीम उर्फ बिल्लू सांडा ने 2008 में सबसे पहले सुपारी लेकर पूजा उर्फ चवन्नी किन्नर को जान से मारने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हो सका।
उसके बाद थाना कुतुबशेर क्षेत्र में 28 फरवरी 2015 को आलम चौकीदार की हत्या की। 14 मई 2015 को 5.95 लाख रुपये की सुपारी लेकर मंडी कोतवाली की मंसूर कालोनी निवासी इश्तिकार की हत्या की और फिर 21 जून 2015 को खजूर कलां निवासी अमजद की हत्या की। इनके मामलों के साथ विभिन्न थाने में नदीम पर 16 मामले दर्ज हैं।
सदर हवालात से चार बंदियों की फरारी के बाद एसएसपी ने चारों पर 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। जबकि बिल्लू सांडा पर 12 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया था।
बृहस्पतिवार को फरार हुए दो बंदियों की गिरफ्तारी पर 5-5 हजार रुपये का इनाम एसएसपी की ओर से घोषित किया जा रहा है। हत्या के आरोप में लगभग 17 माह से जिला कारागार में निरूद्ध नदीम उर्फ बिल्लू सांडा ने सदर हवालात से फरार होते ही मंडी क्षेत्र के इंतजार से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांग ली।
पुलिस पूछताछ में बताया कि उसकी बेल नहीं हो पा रही थी, उसके लिए पैसे ही जरूरत थी। पैसे का इंतजाम उसे ही करना था। इसलिए फरार हुआ और रंगदारी मांगी। उसने धमकी दी कि रंगदारी नहीं दी तो पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा।
नदीम ने बताया कि उसने दो और बंदियों के साथ मिलकर रोशनदान को बिना किसी औजार के तोड़ डाला। कुछ लंबे बंदियों के कंधे पर चढ़कर उसने रोशनदान में लात मारी। कई लात मारने के बाद रोशनदान टूट गया। फिर वह और कुछ और बंदी फरार हो गए।