बेहट (सहारनपुर)। प्रसव पीड़ा से कराह रही एक महिला को ससुराल वालों ने घर से निकाल दिया। जैसे तैसे पीड़िता कस्बा बेहट पहुंची। सड़क किनारे दर्द से बुरी तरह कराह रही महिला को देखकर नगर के व्यापारियों उसे सीएचसी भर्ती कराया। जहां उसका उपचार किया जा रहा है।
घटना शुक्रवार की शाम करीब 6 बजे की है। कस्बे के कुछ व्यापारियों ने नगर में हाईवे किनारे खड़ी एक गर्भवती महिला को कराहते देखा। इसके बाद कस्बे के कुछ व्यापारी उसके पास पहुंचे और उसे सीएचसी में भर्ती कराया। पीड़िता ने बताया कि उसकी शादी थाना मिर्जापुर क्षेत्र के गांव आलमपुर अमादपुर निवासी व्यक्ति से हुई थी और वह गर्भ से है। पीड़िता का कहना है कि कई दिन उसके ससुराल वाले उसे एक चिकित्सक के यहां ले गये थे। चिकित्सक ने उसका बड़ा आपरेशन करने की बाद ही डिलीवरी होना बताया था। शुक्रवार को ससुराल वालों ने उसे यह कहते हुए घर से निकाल दिया कि हमें तेरी जरूरत नहीं है और हम तेरा आपरेशन नहीं करा सकते हैं। जिसके बाद वह अपने मायके उत्तराखंड के गांव लालवाला जा रही थी। बेहट में पहुंचते ही उसकी हालत बिगड़ गई। इसके बाद कस्बे के व्यापारी अवनीश अग्रवाल व मोहित जैन आदि ने उसे अपनी कार से सीएचसी पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने उसे भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया। शाम तक पीड़िता का कोई परिजन मौके पर नहीं पहुंचा था। इंस्पेक्टर सुशील कुमार सैनी का कहना है कि पीड़िता की देखरेख के लिए चिकित्सकों को कह दिया गया है, साथ ही थाना मिर्जापुर व पीड़िता के परिजनों को भी सूचना दी जा रही है।
सूचना के बाद भी नहीं पहुंची एंबुलेंस
बेहट। हाईवे किनारे प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला को देखकर व्यापारियों ने 108 व 102 एंबुलेंस को भी कॉल की। व्यापारियों ने बताया कि फोन करने के आधा घंटे बाद तक भी एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। व्यापारियों से महिला की पीड़ा देखी नहीं गई तो उन्होंने खुद अपनी कार मंगाकर पीड़िता को उपचार हेतु सीएचसी पहुंचाया।