सहारनपुर। क्रिकेट के तमिलनाडु टी-20 लीग पर सट्टा लगाने की सूचना पर पुलिस ने माधोनगर में छापा मारा। छापामार कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो सट्टेबाजों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि मुख्य आरोपी सागर गुप्ता उर्फ सागर घी फरार होने में कामयाब हो गया। पुलिस ने डायरियां, मोबाइल एवं एलईडी बरामद किया है।
मंडी कोतवाली पुलिस को सोमवार की शाम को माधोनगर में तमिलनाडु क्रिकेट की टी-20 लीग पर सट्टा लगवाए जाने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही सर्विलांस टीम एवं मंडी पुलिस ने माधोनगर में सागर गुप्ता के मकान पर छापा मारा। छापा लगते ही पूरे मोहल्ले में हड़कंप मच गया।
छापामारी के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों सागर डंग निवासी माधोनगर एवं मन्नी निवासी गोपाल नगर को गिरफ्तार कर लिया। जबकि मुख्य आरोपी सागर गुप्ता फरार हो गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन, नगदी, एक कॉपी, दो डायरी छोटी व बड़ी, एक एलईडी बरामद कर लिया।
कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि मोबाइलों से ग्राहकों द्वारा लगाए गए सट्टे का विवरण सुनते हैं तथा एलईडी में लाइव 20-20 मैच चलता है, इसके द्वारा सीधे-सीधे ग्राहकों को देखकर ओवर के हिसाब से रनों पर सट्टा लगाते हैं। कॉपी एवं डायरी में एलईडी पर लाइव 20-20 मैच देखकर ग्राहकों से फोन नंबर लेकर उसका लेखा जोखा कॉपी एवं डायरी में रखते हैं।
आईपीएल में सट्टे लगवाने के आरोप में जेल जा चुका है सागर
मंडी कोतवाली पुलिस के अनुसार फरार हुआ आरोपी सागर गुप्ता आईपीएल में सट्टा लगवाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जेल से जमानत पर आने के बाद फिर से सट्टे के कारोबार में लग गया।
सट्टेबाजी में सराफा व्यापारी बना फाइनेंसर
शहर में सट्टे का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार सट्टेबाज पकड़े जा रहे हैं, लेकिन प्रभावशाली लोगों के संपर्क में होने के चलते कुछ ही दिन में जेल से बाहर आकर फिर से सट्टेबाजी का काम कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार शहर का ही एक सराफा व्यापारी सट्टा कराने के आरोपी सागर और उसके साथियों के लिए फाइनेंस का काम कर रहा है। उसका काफी पैसा इस कारोबार में लगा हुआ है। यह भी बताया जा रहा है कि अपने प्रभाव से वह स्वयं भी बचा हुआ है और आरोपियों को भी बचाने का प्रयास कर रहा है।