सहारनपुर। अधिवक्ता राव किलन द्वारा अप्रवासी भारतीय अजय गुप्ता समेत 7 पर लगाए गए धोखाधड़ी के दर्ज मामले में जांच पुलिस की बजाय न्यायालय से कराए जाने की अपील पर सीजेएम ने न्यायालय द्वारा जांच कराए जाने के आदेश पारित किए हैं।
अधिवक्ता राव किलन ने एनआरआई अजय गुप्ता, उनके बहनोई अनिल गुप्ता समेत सात लोगों पर उनसे एक करोड़ 31 लाख रुपये का लिया गया लोन वापस करने के बावजूद धोखाधड़ी करते हुए उन्हें नो ड्यूज का सर्टिफिकेट न देने और फर्जी दस्तावेज तैयार कराने, उनके झूठे हस्ताक्षर कराने उन प झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। सदर बाजार कोतवाली में सभी सात लोगों पर धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में मामला दर्ज है। इसकी जांच क्राइम ब्रांच कर रही है। राव किलन का आरोप है कि एनआरआई के प्रभाव के चलते पुलिस मामले की सही जांच नहीं कर रही है और न ही कोई कार्रवाई कर रही है। इस मामले में उन्होंने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के कोर्ट में न्यायालय से जांच कराए जाने की मांग की थी।
एडवोकेट राव किलन ने बताया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपा राय ने पूरे प्रकरण की जांच स्वयं न्यायालय द्वारा कराए जाने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके लिए वादी को 21 दिसंबर को बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट में तलब किया गया है।