शराब पीने से रोकने पर ले ली पत्नी की जान
बड़गांव (सहारनपुर)। शराब पीने से रोकने पर गांव जड़ौदा पांडा में पति ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से पत्नी पर गोलियां चलाकर उसकी जान ले ली। इस वारदात को अंजाम देकर पति मौके से फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी पति की तलाश शुरू कर दी है।
थाना क्षेत्र के गांव जड़ौदा पांडा में संजू त्यागी शराब पीने का आदी है। बृहस्पतिवार शाम वह घर में ही शराब पीने बैठा तो उसकी 30 वर्षीय पत्नी नीलिमा उर्फ नीलू ने उसे शराब पीने से मना किया। इस बात पर दोनों में कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर संजू ने अपना लाइसेंसी पिस्टल उठाकर नीलू पर ताबड़तोड़ तीन गोलियां दाग दीं जो उसके सीने में जा धंसीं। उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद संजू पिस्टल लेकर मौके से फरार हो गया। गोलियों की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे। परिजन घटना से स्तब्ध रह गए। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना पुलिस ने पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिजनों के अनुसार संजू इससे पहले भी अपनी पत्नी को मारने की कोशिश कर चुका था। दो माह पहले भी दोनो के बीच विवाद हुआ था। तब भी डायल 100 पुलिस पहुंची थी। लेकिन मामला निपट गया था। एसओ संजीव कुमार ने बताया कि मायके वालों का इंतजार किया जा रहा है। उनके आने के बाद तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद सीओ देवबंद सिद्धार्थ भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि संजू शराब के नशे में था जो अपनी पत्नि की हत्या करके फरार हो गया है। उसकी तलाश कराई जा रही है। नीलू के दो बच्चे हैं। इनमें नौ साल का बेटा और सात साल की बेटी है। वारदात के वक्त दोनो घर से बाहर खेलने गए थे। मां की मौत के बाद घर पहुंचे दोनों बच्चों का रोकर बुरा हाल था। उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि उनके पापा ने ही उसकी मम्मी को मार डाला है।
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नशे की लत ने उजाड़ दिया परिवार
- ग्रामीणों के अनुसार संजू शराब का आदी था। आए दिन शराब पीने को लेकर उसकी पत्नी के साथ कहासुनी होती थी। लेकिन शराब इसी लत ने यह परिवार उजाड़ दिया। नीलू की मौत के बाद संजू का जेल जाना तय है। उसके बाद उसके बच्चों से मां और बाप दोनों का प्यार छिन गया। संजू इकलौता बेटा है। संजू के पिता सेना और मां स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त हैं। दोनो बुजुर्ग दंपति अपने बेटे के परिवार के बरबाद होने पर सकते की हालत में हैं। वे खुद के आंसुओं पर किसी तरह काबू पा कर अपने पोते और पोती को संभालने में लगे थे।