सहारनपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए जा रहे शौचालयों के निर्माण में बड़े पैमाने पर धांधली हो रही है। जिला पंचायत राज विभाग द्वारा की गई कार्रवाई में इसका खुलासा हुआ है। शौचालय निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। हाल ही में दो मामले पकड़े जा चुके हैं, जिनकी जांच शुरू हो गई है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जनपद के 887 गांवों को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित करना है। अभी तक 230 गांव ही ओडीएफ बन पाए हैं। इनमें भी तमाम खामियां मिल चुकी हैं। हाल ही में नकुड़ क्षेत्र के गांव टाबर और देवबंद क्षेत्र के गांव साधारणपुर में शौचालय निर्माण में धांधली पकड़ी गई। जिला पंचायत राज विभाग अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि शौचालय निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल होने की शिकायत पर गांव टाबर के प्रधान व सचिव को 1.74 लाख तथा साधारणपुर के प्रधान एवं सचिव को 41 हजार का रिकवरी नोटिस जारी किया गया। दोनों मामलों की जांच कराई जा रही है। गांव टाबर में 367 और साधारणुपर में 14 शौचालय बनाए गए थे। प्रधानों और सचिवों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
यह दो मामले तो उदाहरण मात्र है। 31 ग्राम पंचायतों में पूर्व में भी घटिया सामग्री का प्रयोग कर धांधली पकड़ी जा चुकी है। पिछले दिनों जब अमर उजाला ने खुले में शौच मुक्त हुए पुवांरका ब्लॉक के गांव आसनवाली, चंद्रौली, खुर्द, लंढौरा जुनारदार में मौके पर जाकर हकीकत देखी थी तो ग्रामीणों ने चौंकाने वाले खुलासे किए थे। ग्रामीणों ने कहा था कि प्रधानों द्वारा शौचालय निर्माण कराने में कमीशन तक मांगी गई। शौचालय निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। इन मामलों को लेकर डीपीआरओ भी गंभीर है। उन्होंने जांच के लिए टीमों का गठन किया है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए जा रहे शौचालयों के निर्माण में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन ग्राम पंचायतों में घटिया सामग्री का इस्तेमाल होने की शिकायत मिली है, उनकी जांच कराई जा रही है। हाल ही में गांव टाबर और साधारणपुर के प्रधानों और सचिवों को रिकवरी नोटिस जारी किए गए हैं। टीमों का गठन कर एक-एक ग्राम पंचायत की जांच कराई जाएगी।
- सतीश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी