सहारनपुर। खनन पर रोक के चलते जर्जर सड़कों का दंश झेल रहे सहारनपुर में अब अफसरों और ठेकेदारों की शह पर सड़क निर्माण में बड़ा खेल किया जा रहा है। सड़कों के निर्माण में लगने वाले तारकोल में रेत की बड़ी मात्रा में मिलावट है। ऐसे में सड़क निर्माण की गुणवत्ता प्रभावित होनी लाजिमी है। इससे अलग गिट्टी और बजरी में भी मिट्टी की मिली हुई है। सड़क निर्माण में मानकों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है और इन मिलावट वाले सामानों के चलते सड़क निर्माण पर ही सवाल उठ रहे हैँ। लोक निर्माण विभाग की सड़कों पर लगने वाली रेत मिक्स तारकोल और मिट्टी मिली हुई बजरी बड़ी धांधली की ओर भी इशारा कर रही हैं।
सड़क निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण माने वाला तारकोल ही सड़क की गुणवत्ता के लिए अहम होता है। तारकोल की तेजी से बढ़ रही कीमतों के चलते इसमें बड़े पैमाने पर खेल किया जाता है। दरअसल, सड़क निर्माण के दौरान इसके मानकों को ध्यान में नहीं रखा जाता। जबकि सड़क निर्माण में 30 से 40 फीसदी हिस्सा तारकोल का होता है और बाकी बजरी का इस्तेमाल किया जाता है। इन दिनों तारकोल की कीमत 50 रुपये से 100 रुपये प्रति किलोग्राम आता है। इसकी कीमत बढ़ने के चलते ठेकेदार अफसरों की शह पर इसका इस्तेमाल बहुत कम करते हैं। इससे कम लागत में सड़क निर्माण तो हो जाता है, मगर खराब गुणवत्ता के चलते सड़क उखड़ने लगी है। क्योंकि तारकोल ही बजरी की पकड़ को मजबूत करता है।
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अपनी सड़कों के लिए पीडब्ल्यूडी करता है आपूर्ति
बाजार में दो तरह के तारकोल के ड्रम ठेकेदारों तक पहुंचते हैं। एक सील्ड ड्रम जो ठेकेदार बाजार से लेते हैं उसमें करीब 150 किलोग्राम तारकोल होता है। दूसरा अपनी सड़कों के लिए पीडब्ल्यूडी तारकोल ठेकेदार को उपलब्ध कराता है। इसमें 200 किलोग्राम तक का ड्रम होता है। ऐसे में मिलावट से मात्रा तो कागजों में पूरी हो जाएगी।
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इन सड़कों पर कराए जाने हैं काम
सहारनपुर में कुल 5919 किमी सड़क में से 65 प्रतिशत सड़क बदहाल हैं। इसमें लोनिवि के अधीन 3934 किमी सड़क में से 83 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग, 194 किमी स्टेट हाईवे, 339 मुख्य जिला सड़क व 3318 किमी अन्य जिला व ग्रामीण सड़क है। स्थानीय निकायों के अंतर्गत 1151 किमी सड़क में से 356 किमी जिला पंचायत व 795 किमी नगर निगम, नगर पालिका व नगर पंचायतों के अधीन सड़क है। अन्य विभागों के अंतर्गत 834 किमी सड़क है, जिसमें से सिंचाई विभाग अधीन 18 किमी, गन्ना विभाग की 615 किमी, वन विभाग की 32 किमी व अन्य विभाग की 169 किमी सड़क है। कोर्ट रोड, घंटाघर, देहरादून रोड, दिल्ली रोड, अंबाला रोड, गंगोह रोड व बड़गांव आदि मुख्य मार्ग ऐसे हैं सड़क निर्माण कराया जाना है।
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सड़क निर्माण के साथ उसकी गुणवत्ता बेेहद महत्वपूर्ण पहलू है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सड़क निर्माण में तारकोल और अन्य सामानों में मिलावट की जांच कराई जाएगी। इसमें दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त