डीजल चोरी के पीछे है शातिरों का बड़ा नेटवर्क
सहारनपुर। इंडियन ऑयल कंपनी की पाइप लाइन से डीजल चोरी करने वालों के पीछे पुलिस बड़ा नेटवर्क होने की आशंका जाहिर कर रही है। पुलिस की मानें तो जिस तरह से पाइप लाइन में तीन वाल्व फिट किए गए, इससे इतना तो स्पष्ट है कि तेल चोरी का यह खेल काफी समय से चल रहा था। लेकिन खेत में गड्ढा खोदने से लेकर तेल चोरी करने तक खेत मालिक को पता नहीं चलना, पाइप लाइन में हाई प्रेशर होने के बावजूद वाल्व फिट कर देने में कंपनी को भनक नहीं लगना सहित कई बिंदु ऐसे हैं जो तेल चोरी के खेल के पीछे बड़ा नेटवर्क होना साबित कर रहे हैं।
इस मामले में इंडियन ऑयल कंपनी के अभियंता अभय चौहान की तरफ से शनिवार को सरसावा थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने मौके पर जाकर जांच की तो ये सभी बिंदू सामने आए और पुलिस इन्हीं बिंदुओं पर काम भी कर रही है। इंडियन ऑयल कंपनी की मेंटेनेंस टीम ने भी पुलिस को बताया कि तेल चोरी करने के लिए गांव अलीपुरा में एक खेत में गड्ढा खोदा गया। तेल चोरी करने के बाद गड्ढे को मिट्टी से इस तरह भर दिया जाता था, ताकि किसी को वहां चोरी का पता न चल सके। खेत में पाइप लाइन तक करीब पांच फुट तक गड्ढा खोदा गया था, जिसके बाद पाइप लाइन में वाल्व फिट किए गए। वहीं, मौके पर मिले तीन वाल्व इसकी गवाही भी देते हैं कि कितनी बड़ी तैयारी के साथ पाइप लाइन से डीजल चोरी किया जा रहा था। खास बात यह भी है कि तेल चोरी के इस खेल में कोई एक व्यक्ति नहीं, बल्कि काफी लोग शामिल हो सकते हैं, जो पाइप लाइन से चोरी किया गया डीजल बाजार में बेचते होंगे। पुलिस भी इन सभी बिंदुओं पर छानबीन करने में जुटी हुई है। थानाप्रभारी आदेश कुमार त्यागी ने बताया कि इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। खेत मालिक से भी इस मामले में पूछताछ की जाएगी।
बड़ा हादसा भी हो सकता था
सहारनपुर। इंडियन ऑयल कंपनी की पाइप लाइन से डीजल चोरी करने वालों की हरकत बड़ा हादसा भी करा सकती थी। दरअसल, पाइप लाइन में हाई प्रेशर होता है। तेल चोरी के लिए पाइप लाइन में छेद करना और फिर उसमें वाल्व फिट करना भी आसान नहीं होता है। यदि वाल्व फिट करते समय पाइप लाइन से तेल निकलने पर आग लग जाती, तो उसके गंभीर परिणाम पूरे इलाके में सामने आते, जो बड़ी तबाही मचा सकता था।
प्रेशर की गणना करती है कंपनी
सहारनपुर। पाइप लाइन से पेट्रोलियम पदार्थ एक जगह से दूसरी जगह तक पहुंचाने के दौरान हाई प्रेशर होता है। कंपनी स्तर पर हर घंटे इसकी मॉनिटरिंग भी होती है। पाइप लाइन में डीजल के प्रवाह को ठीक रखने के लिहाज से एक बार हवा का प्रेशर भी छोड़ा जाता है। हो सकता है कि तेल चोरी करने वालों ने इसी टाइमिंग का फायदा उठाया, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि चोरों को यह बात कैसे पता चली कि किस समय पाइप लाइन में डीजल का प्रवाह होता है और किस समय पर नहीं। क्योंकि यह जानकारी कंपनी स्तर पर पूर्ण गोपनीय रखी जाती है।
खेत मालिक को कैसे पता नहीं चला
सहारनपुर। पुलिस के अनुसार गांव अलीपुरा में पाइप लाइन में वाल्व फिट करके डीजल चोरी करने के लिए कई फुट गहरा गड्ढा खोदा गया। किसी के खेत में गड्ढा खोदा गया, तो खेत मालिक को इसका कैसा पता नहीं चल सका। पुलिस इस खास बिंदु पर भी पड़ताल कर रही है, जिसके चलते खेत मालिक से भी इसमें पूछताछ हो सकती है।
पूर्व में भी हो चुकी हैं ऐसी घटना
सहारनपुर। इंडियन ऑयल की पाइप लाइन से डीजल चोरी की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। 2017 में गांव अलीपुरा के जंगल से ही डीजल चोरी का मामला सामने आया था। उस मामले में एक आरोपी ने अपने दूसरे मामले में कोर्ट में सरेंडर कर दिया था और फिर जमानत पर जेल से बाहर आने पर फरार चल रहा है। वहीं, दूसरे आरोपी के खिलाफ सरसावा थाना पुलिस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इसके अलावा देहात कोतवाली क्षेत्र में गांव मढ में भी खेत में गड्ढा खोदकर पाइप लाइन से डीजल चोरी का मामला सामने आया था।