सहारनपुर में त्योहारी सीजन आते ही जिले में अचानक शराब की तस्करी बढ़ गई है। एक माह में ही दो करोड़ से अधिक की शराब तो पकड़ी जा चुकी है। एंबुलेंस तक से शराब की तस्करी की जा रही है। हरियाणा सीमा से सटे क्षेत्रों में यह कारोबार इस समय जमकर हो रहा है।
जिले में शराब तस्करी का कारोबार जमकर हो रहा है। हरियाणा से सटे होने के चलते सीमावर्ती इलाकों में तस्करी के गढ़ बन गए हैं। तस्करों द्वारा पुलिस को चकमा देकर चेकपोस्टों एवं अन्य स्थानों से शराब की खेप सहारनपुर पहुंच रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों से फिर पूरे जिले में इसको पहुंचाया जा रहा है।
पुलिस और आबकारी विभाग की आंखों में धूल झोंकने के लिए तस्कर लगातार नए-नए फंडे अपना रहे हैं। अभी हाल ही में पकड़ी गई लगभग 30 लाख की शराब एंबुलेंस में भरकर लाई जा रही थी।
चेक पोस्ट एवं पुुलिस चौकियों को चकमा देते हुए तस्कर एंबुलेंस का इमरजेंसी सायरन बजाते हुए बेधड़क शराब को सहारनपुर शहर तक लेकर पहुंच गए। एंबुलेंस देखकर पुलिस ने चेकिंग नहीं की बल्कि उसके लिए रास्ता साफ कर दिया।
सहारनपुर में पहुंचते ही उसे पकड़ लिया गया। बताया जा रहा है कि तस्कर एंबुलेंस से ही हरियाणा की शराब लाते रहे। सिर्फ यही नहीं उससे कुछ ही दिन पहले प्याज से भरे ट्रक में शराब की भारी मात्रा में पेटियां पकड़ी गईं।
यही नहीं एक कैंटर में तो उसका फर्श ही अलग से बना दिया। कैंटर ऊपर से खाली था। पुलिस ने चेक किया तो कहीं कुछ भी नजर नहीं आया, लेकिन बाद में जब कैंटर का फर्श उखाड़ा गया तो उसमें से लाखों रुपये की शराब मिली।
आबकारी विभाग के आंकड़ों के ही अनुसार एक माह में लगभग दो करोड़ रुपये से अधिक की शराब तो पकड़ी जा चुकी है। यह सभी शराब हरियाणा से तस्करी कर लाई गई है। अब तक हरियाणा के बार्डर पर ट्रकों में लाया जा रहा है।
वहां से दूसरे छोटे वाहनों, एंबुलेंस, कार एवं अन्य वाहनों से सहारनपुर में सप्लाई किया जा रहा है।
जिला आबकारी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि अप्रैल से अब तक 70 हजार लीटर शराब पकड़ी जा चुकी है। पिछले एक माह में लगभग 15 हजार लीटर शराब पकड़ी गई है। त्यौहार के मद्देनजर चेकिंग और कड़ी कर दी गई है।