सहारनपुर। गुरुग्राम के एक स्कूल में बच्चे के साथ पेश आए जानलेवा हादसे के बावजूद जनपद के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। ताजा मामला लॉर्ड महावीरा एकेडमी का है, जहां कक्षा तीन के दो बच्चों के झगड़े में एक अभिभावक ने क्लास रूम के भीतर घुसकर दूसरे बच्चे को बेरहमी से पीट डाला। इसे लेकर स्कूल में खासा बखेड़ा हुआ। हालांकि बाद में स्कूल प्रबंधन ने मामले को निपटा दिया।
स्कूल की कक्षा तीन के दो बच्चों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। इनमें से एक बच्चे ने इसकी जानकारी अपने पिता को दी। अगले दिन उक्त बच्चे का पिता स्कूल पहुंचा, जहां उसने क्लास रूम के भीतर घुसकर दूसरे बच्चे को बेरहमी से पीटा। सवाल यह है कि जिस समय एक अभिभावक दूसरे बच्चे को गिरा गिराकर पीट रहा था उस समय उक्त क्लास की टीचर और बाकी स्टाफ कहां था? साथ ही अभिभावक को क्लास रूम तक जाने की इजाजत कैसे दे दी गई, क्योंकि आम तौर पर अभिभावक गेट तक ही एंट्री कर पाते हैं। हालांकि घटना के बाद स्कूल प्रबंधन हरकत में आया और दोनों पक्षों का समझौता करा दिया। प्रधानाचार्य प्रीति ने घटना होने की बात स्वीकार की है। यह भी बताया कि उन्होंने संबंधित अभिभावक को चेतावनी देकर और शपथ पत्र लेकर छोड़ा है, जिसमें लिखा गया है कि वह भविष्य में किसी भी बच्चे के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करेंगे। बताया कि दोनों पक्षों में समझौता कराया गया है।
विभाग के निर्देशों का असर नहीं
गुरुग्राम की घटना के बाद सीबीएसई और आईसीएसई स्कूलों के संगठन प्रोग्रेसिव स्कूल फोरम ने स्कूलों के साथ बैठक कर स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर मंथन किया था। सुरक्षा के लिए स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, गेट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने समेत अनेक चीजों पर सहमति बनी थी। हाल ही में डीआईओएस आरके तिवारी ने भी तमाम बोर्ड के स्कूलों केे लिखित में निर्देश जारी करते हुए बच्चों की सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने को कहा है। मगर उसके बावजूद स्कूल के भीतर इस तरह की घटना सवाल खड़े करती है।