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भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे वित एवं लेखाधिकारी को हटाया 21-01-21

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भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे वित्त एवं लेखाधिकारी को हटाया
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सहारनपुर। वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा पारसनाथ गुप्ता को भ्रष्टाचार के विभिन्न आरोपों के चलते पद से हटा दिया गया है। उक्त अधिकारी को पद से हटाये जाने के बाद ज्यादातर शिक्षकों ने राहत की सांस ली है।
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बता दें कि जिले के परिषदीय और एडेड विद्यालयों में करीब पांच हजार शिक्षक तैनात हैं। ज्यादातर शिक्षकों को एरियर आहरण न होने, पेंशन न मिलने, सातवें वेतनमान के अनुसार वेतन न बनने आदि समस्याओं को लेकर वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं। शिक्षकों का आरोप हैं कि कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर हैं। कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक बिना अवैध वसूली के कोई कार्य नहीं करते है। विरोध में कुछ शिक्षक संगठनों ने वित्त एवं लेखाधिकारी से मिलकर सुधार की चेतावनी दी थी। शिकायतों के आधार पर जिलाधिकारी की ओर से शासन को भी पत्र लिखा गया था। शासन ने प्रकरण का संज्ञान लेते हुए उक्त अधिकारी को पद से हटा दिया है। उनके स्थान पर बिजनौर के वित्त एवं लेखाधिकारी को सहारनपुर में तैनाती दी गई है। उक्त अधिकारी को हटाने जाने के बाद शिक्षकों में खुशी की लहर है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संदीप सिंह पंवार, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रांतीय संयुक्त सचिव मंसूर अहमद, उर्दू टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष तालिब हसन आदि के नेतृत्व में शिक्षक उक्त अधिकारी के विरुद्घ संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने उक्त अधिकारी के हटाये जाने को शिक्षकों के हित में बताया। उन्होंने विभाग में तैनात एक लेखाकार के भी स्थानांतरण की मांग की। शिक्षक नेताओं का कहना हैं कि उक्त लेखाकार स्वयं को सत्ता के एक मंत्री का नजदीकी बताता हैँ। ऐसे में उच्चाधिकारी भी उक्त लेखाकार की जांच बैठाने और कार्रवाई करने से कतराते हैं।
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