कोर्ट रोड पर धड़ल्ले से जारी है अवैध निर्माण
सहारनपुर। कोर्ट रोड पर एसबीआई की मुख्य ब्रांच की बगल में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण चल रहा है। अवैध निर्माण में अफसरों की शह होने की बात कही जा रही है। उधर, पता होने के बावजूद प्राधिकरण की ओर से तीसरे दिन भी अवैध निर्माण के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया है।
अवैध निर्माण पिछले करीब चार दिन से जारी है, जहां बड़ी संख्या में लेबर लगी है। काम को बड़ी तेजी से चल रहा है। आरोप है कि इसमें कुछ अफसरों की शह निर्माणकर्ता को है, जिसकी वजह से प्राधिकरण भी हाथ नहीं डाल पा रहा है। आरजी पैलेस पर अवैध निर्माण के पीछे भी प्रशासनिक मिलीभगत की कहानी सामने आ रही है। दरअसल, रजिस्ट्री में स्टांप की कमी पाए जाने पर प्रशासन ने ग्लोकल इंडिया पर करीब दो करोड़ का जुर्माना लगा दिया। इस आदेश के खिलाफ कंपनी राजस्व परिषद में गई। उधर, अधिकारियों ने पहले इसके एक भूभाग की नीलामी की और राजस्व परिषद ने एडीएम के जुर्माने को बदला तो आनन फानन में भाजपा में शामिल हुए एक व्यापारी को इसका बैनामा कर दिया गया है। अब कब्जा करने की गरज से यहां धड़ल्ले से अवैध निर्माण जारी है। उधर, कोर्ट रोड पर ही पार्श्वनाथ प्लाजा के ठीक सामने चार मंजिला इमारत अवैध रूप से तैयार करा दी गई है। प्राधिकरण ने उक्त भवन को सील करने के आदेश जारी किए थे, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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वीसी से की निर्माण रुकवाने की मांग
ग्लोकल इंडिया बिल्ड सिटी प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों ने कोर्ट रोड पर चल रहे अवैध निर्माण का मामला मंडलायुक्त और विकास प्राधिकरण के वीसी के सामने रखा है। साथ ही इस अवैध निर्माण पर रोक लगाने की मांग की है।
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कोर्ट रोड पर एसबीआई की मुख्य ब्रांच की बराबर में किए जा रहे निर्माण का कोई नक्शा प्राधिकरण से पास नहीं कराया गया है। यानी यह निर्माण पूरी तरह अवैध है। मामले में कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा पार्श्वनाथ के सामने के निर्माण को सील कर दिया गया था। यदि उसमें भी कोई काम चल रहा है तो संबंधित अधिकारी से जवाब मांगा जाएगा।
मनोज कुमार, वीसी, एसडीए।
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कमिश्नर से की कार्रवाई करने की मांग
सहारनपुर। नीलाम की गई जमीन का आनन फानन में बैनामा करने का मामला तूल पकड़ने लगा है। ग्लोकल इंडिया बिल्ड सिटी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के अधिकारियों ने पूरा मामला पत्र के माध्यम से कमिश्नर दीपक अग्रवाल के संज्ञान में लाया है। जमीन के बैनामे से लेकर किए जा रहे निर्माण को राजस्व परिषद के आदेश की अवहेलना बताया है। कंपनी के अधिकारियों ने मामले की जांच कराकर दोषियों के विरुद्घ कार्रवाई करने की मांग कमिश्नर से की है।