सहारनपुर के नकुड़ में हरियाणा के करनाल की रहने वाली विधवा महिला और उसके नाबालिग बच्चों की करीब 14 बीघा कृषि भूमि का कुछ लोगों ने फर्जी तरीके से एक औरत को रजिस्ट्रार कार्यालय में पेश कर दो लोगों के नाम बैनामा कर दिया।
पीड़िता महिला ने अपने परिजनों के साथ सरसावा थाना में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। नकुड़ तहसील कार्यालय पहुंची हरियाणा के जिला करनाल के गांव बांसा निवासी (हाल निवासी लक्ष्मी नगर कैंप, जिला यमुनानगर) परमजीत कौर ने बताया कि उसकी शादी कुछ वर्ष पूर्व हरियाणा के जिला करनाल
के गांव बांसा निवासी महिंदर सिंह के साथ हुई थी। पति की मौत के बाद उसने अपनी करनाल की जमीन बेच कर वर्ष 2014 में सरसावा थाना क्षेत्र के गांव अगवानहेड़ा में करीब चौदह बीघा जमीन खरीदी थी।
इस जमीन को उसने गांव अगवानहेड़ा निवासी अश्वनी आदि को ठेके पर दे रखा था। आरोप है कि बृहस्पतिवार की सुबह उसने फोन पर अश्वनी को जमीन के ठेके के रुपये देने को कहा तो उसने रुपये जमीन के असली मालिक को देने की बात कही। यह सुनकर उसके पैरों तले की जमीन खिसक गई।
वह तुरंत ही अपने पिता गुरनाम सिंह, चाचा जयमल सिंह और भाई सतनाम सिंह के साथ तहसील कार्यालय पहुंची और अपनी कृषि जमीन की नकल निकलवाई तो उसमें इस जमीन को 10 मार्च 2017 को क्रे तागण जोगेंद्र सिंह पुत्र हरनाम सिंह और कश्मीर सिंह पुत्र जोगेंद्र सिंह निवासी गांव माजरी कला थाना सरसावा के नाम दो बैनामा होना पाया गया।
पीड़िता महिला का आरोप था जालसाजों ने उसके स्थान पर किसी फर्जी औरत को उपनिबंधक नकुड़ के कार्यालय में प्रस्तुत कर एक षडयंत्र के तहत दो तथाकथित बैनामे पंजीकृत करा लिए हैं। आरोप है कि बैनामे में जिस महिला की फोटो और हस्ताक्षर हैं वह फर्जी हैं।
पीड़िता ने अपना वोटर कार्ड और आधार कार्ड दिखाते हुए बताया कि बैनामे में लगाई गई महिला की आईडी भी फर्जी है। पीड़िता ने सरसावा थाने में लिखित तहरीर देकर पुलिस से मदद की गुहार लगायी है।