सरकारी रोजगार योजना के नाम पर फर्जीवाड़ा
सहारनपुर। सरकारी योजना के नाम पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले भी सक्रिय हैं, जो युवकों को अपने जाल में फंसाकर जमानत राशि के रूप में धनराशि हड़प लेते हैं। ऐसा ही एक मामला सहारनपुर में सामने आया है, जिसमें युवक को रेलवे में ग्राहक सेवा प्रतिनिधि के रूप में नौकरी का नियुक्ति पत्र भेजा गया है, जबकि युवक ने कोई ट्रेनिंग नहीं ली और न ही कोई परीक्षा पास की। युवक ने रेलवे के अधिकारियों से इस बारे में जानकारी की, तो अधिकारियों ने भी यही कहा कि ऐसा नियुक्ति पत्र रेलवे की तरफ से जारी नहीं होता है।
कुतुबशेर थाना क्षेत्र स्थित लेबर कालोनी निवासी प्रशांत ने कुछ दिन पूर्व एक विज्ञापन देखा। विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर उसने एसएमएस किया। इसके बाद मोबाइल के जरिये ही उसने अपना शैक्षिक ब्यौरा भेज दिया। मंगलवार को उसके घर कोरियर से एक लिफाफा पहुंचा, जिसमें नियुक्ति पत्र भेजा गया। लिफाफा गुरुग्राम से एक सरकारी योजना के नाम से भेजा गया था। नियुक्ति पत्र में उसे रेलवे में ग्राहक सेवा प्रतिनिधि के रूप में नियुक्ति के बारे में बताया गया था। उसकी नियुक्ति के लिए एक गोपनीय कोड दिया गया था। नियुक्ति पत्र के साथ भेजे गए प्रपत्रों में लिखा गया था कि इस कोड के माध्यम से ही नियुक्ति स्थान बताया जाएगा, लेकिन यह नियुक्ति स्थान तभी बताया जाएगा, जब जमानत राशि 14500 रुपये और पंजीकरण राशि 2400 रुपये जमा करा दी जाएगी। मंगलवार को ही प्रशांत नियुक्ति पत्र लेकर रेलवे अधिकारियों के पास पहुंच गया और नियुक्ति पत्र देकर पैसे जमा कराने के लिए पूछा। नियुक्ति पत्र देखकर रेलवे अधिकारी भी हैरान रह गए। उन्होंने इस प्रकार की रिक्तियां विभाग में होने से इंकार कर दिया और कहा कि इस प्रकार का कोई पद ही रेलवे में नहीं है। इस पर फर्जीवाड़ा होने का पता चला। अधिकारियों ने इसे पूरी तरह से फर्जी बताया है।
बताए गए हैं 12672 से अधिक पद
युवक के पास भेजे लिफाफे में योजना के बारे में विस्तार से लिखा गया और जमानत राशि पर खासा जोर दिया गया। साथ ही उत्तर प्रदेश में 510 पदों के साथ ही पूरे देश में 12672 पद बताए गए हैं। यह भी बताया गया है कि यह नियुक्तियां 2060 तक के लिए की जा रही हैं। नियुक्ति पत्र के साथ कुछ अन्य प्रपत्र भी भेजे गए हैं। जिनमें लिखा गया है कि नियुक्ति पत्र मिलने के 24 घंटे के अंदर ही जमानत राशि 14500 रुपये जमा करनी होगी। जो फर्जीवाडे़ को सहज ही बयां करती है।
फर्जीवाड़ा है, इससे बचने की जरूरत : शर्मा
स्टेशन अधीक्षक कपिल शर्मा ने बताया कि ग्राहक सेवा प्रतिनिधि के तौर पर रेलवे में पद होने की जानकारी नहीं है। इस प्रकार का नि युक्ति पत्र भी रेलवे जारी नहीं करता है। संभवत: फर्जीवाड़ा है और युवकों से ठगी का प्रयास है।