पाकिस्तानी नागरिकों के प्रमाण-पत्र बनाने वाले भी जांच के घेरे में
सहारनपुर। वर्षों से सहारनपुर में रह रहे दो पाकिस्तानी नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद अब उनके प्रमाण-पत्रों को बनवाने वाले, जांच करने वाले एवं पासपोर्ट बनवाने वाले भी जांच के घेरे में आ गए हैं। पाकिस्तानी नागरिकों ने प्रमाण-पत्रों के आधार पर पासपोर्ट भी बनवा लिया था, जिसके बाद उन पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटकती नजर आ रही है, जिन्होंने इसकी जांच की।
सहारनपुर के मोहल्ला मटिया महल में वर्षों से रह रहे पाकिस्तानी दो नागरिकों हमद और अनस को दो दिन पूर्व पुलिस ने गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी अपनी मां फरहाना एवं दो बहनों के साथ वर्षों से सहारनपुर में रह रहे थे। इनकी मां फरहाना वर्ष 2000 में लांग टर्म वीजा पर चार बच्चों के साथ पाकिस्तान से सहारनपुर आई थी। यहां आकर उसके चार बच्चों हमद, अनस, शाजिया और अनम के नाम बदलकर जन्म प्रमाण-पत्र बनवा लिए गए।
यही नहीं आधार कार्ड और मतदाता पहचानपत्र भी बनवा लिया गया। इसके बाद प्रमाण-पत्रों के आधार पर उन्होंने पासपोर्ट भी बनवा लिया। हमद और अनस को पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया है। जिसके बाद एसएसपी ने प्रमाण-पत्र बनाने वाले एवं उनके नामों को तस्दीक करने वालों पर भी जांच के आदेश दिए हैं, साथ ही पासपोर्ट की जांच कर रिपोर्ट देने वाले पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ करने के निर्देश दिए हैं। जिससे पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
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-- ऐसे आए पकड़ में
पासपोर्ट बनवाने के बाद जब खुफिया विभाग को इनके पाकिस्तानी होने का पता चला तो उन्होंने इनके प्रमाण-पत्र जांच के लिए मंगा लिए। जिस पर आरोपियों ने स्वयं को भारतीय होने का दावा करते हुए कोर्ट में पुलिस पर परेशान करने का आरोप लगाते हुए अपील दायर की। कोर्ट ने अधिकारियों से जवाब मांगा तो मामले का खुलासा हो गया। जिसके बाद चारों भाई एवं बहनों के खिलाफ उपनिरीक्षक अमित मलिक की ओर से नगर कोतवाली में मामला दर्ज कराया गया। अभी इस मामले में दोनों बहनें फरार हैं।
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-- यह है पूरा मामला
सहारनपुर की रहने वाली फरहाना 1984 में दस वर्ष की उम्र में अपने बहनोई पाकिस्तानी नागरिक जफर के साथ पाकिस्तान चली गई थी। वहां उसका निकाह पाकिस्तान के ही नासिर से हो गया। कुछ साल बाद उसका तलाक हो गया। जिसके बाद फरहाना 45 दिन के वीजा पर सहारनपुर आई। यहां उसने नानौजा के नदीम से निकाह कर लिया। वीजा समाप्त होने के बाद वह नदीम को साथ लेकर पाकिस्तान चली गई। जहां उसके चार बच्चे हुए। वर्ष 2000 में फरहाना अपने चारों बच्चों को लेकर लांग टर्म वीजा पर नदीम के साथ सहारनपुर आकर नगर कोतवाली के मोहल्ला मटिया महल में रहने लगी। यहां पर नदीम अहमद ने अपने चारों बच्चों के जन्म तिथि और नाम बदलकर नानौता नगर पंचायत से जन्म प्रमाण पत्र बनवा लिए। उसके बाद आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर पहचान पत्र भी बनवा लिया। उन्हीं के आधार पर अपने दोनों बेटों के पासपोर्ट भी बनवा लिए।
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प्रमाण-पत्र बनाने वालों पर होगी कार्रवाई : एसएसपी
एसएसपी दिनेश कुमार ने बताया कि पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनकी दो बहनें फरार हैं, उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही फर्जी प्रमाण-पत्र बनाने वालों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।