सहारनपुर में ग्राम मवींकला स्थित मदरसे में राष्ट्रध्वज फहराए जाने एवं राष्ट्रगान गाने को लेकर बवाल हो गया। सपा नेता एवं एक शिक्षक ने अपने दर्जनों साथियों के साथ मिलकर मदरसे में मौजूद लोगों पर पथराव और फायरिंग कर दी। जिससे दर्जनों लोग घायल हो गए। पुलिस ने आरोपी नेता के खिलाफ राष्ट्र गौरव अपमान एवं बवाल का मामला दर्ज कर लिया है।
ग्राम मवींकला स्थित मदरसा इस्लामिया बसतानुल मजाहिर उलूम में 15 अगस्त को सुबह लगभग 7.20 बजे ध्वजारोहण और राष्ट्रगान का कार्यक्रम चल रहा था। आरोप है कि उसी समय कुछ लोग हाथों में डंडे, लाठी तथा तमंचे लेकर मदरसे में पहुंचे और ध्वजारोहण का विरोध करते हुए पथराव शुरू कर दिया।
आरोपियों ने वहां मौजूद लोगों पर डंडों से हमला किया और फायरिंग भी की। जिससे मदरसे में भगदड़ मच गई। कई लोग पथराव में घायल हो गए। आरोप है कि आरोपियों का घर मदरसे के सामने होने के कारण आरोपियों के परिजनों ने छतों से पथराव किया। मदरसे में मौजूद छात्र भी भाग खड़े हुए। आरोपियों ने मदरसे के बाहर खड़ी लोगों की बाइकें भी तोड़ डालीं।
सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस, पुलिस क्षेत्राधिकारी मुकेश कुमार मिश्रा, एसपी सिटी पीपी सिंह आरएएफ के साथ मौके पर पहुंचे और पथराव कर रहे कई लोगों को हिरासत में ले लिया। किसी प्रकार मामले को शांत कराया गया।
इस मामले में मदरसा कमेटी के उपाध्यक्ष हाजी यामीन ने सपा नेता समेत 21 लोगों के खिलाफ सदर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आरोपी मदरसे में तिरंगा फहराने का किसी का भी आदेश मानने से इंकार कर रहे थे। पुलिस ने इस मामले में गुलबहार और शाहनवाज को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
21 लोगों के खिलाफ हुई एफआईआर
मदरसा कमेटी के उपाध्यक्ष हाजी यामीन ने अब्दुल गफूर, यामीन, फुरकान, शाहनवाज, बशीर, अलीजान, रिजवान, शाहरुख, सलमान, सलीम, शाहिद, समीर, गुफरान, शाकिब, गुलबहार, नसीम, मुस्तकीम, नौशाद, शमशाद, मीहरा, अनवर पर पथराव और फायरिंग करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है।
इन धाराओं में हुआ मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 147, 148, 149, 323, 307, 336 एवं राष्ट्र गौरव अपमान निवारण अधिनियम 1971 की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के सामने रहा मुख्य आरोपी, नहीं किया गिरफ्तार
सपा नेता और राष्ट्र गौरव अपमान का मुख्य आरोप अब्दुल गफूर बुधवार को अपनी तहरीर लेकर सदर कोतवाली पहुंचा और अपनी शिकायत दर्ज कराए जाने की मांग की। निरीक्षक कक्ष में आरोपी घंटों तक बैठा रहा और अपने आप को निर्दोष बताता रहा, लेकिन पुलिस ने न तो उसकी तहरीर ली और न ही उसे गिरफ्तार किया। बाद में उसके पक्ष के दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
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