मिर्जापुर। थाना पुलिस ने पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल उर्फ बाला के करीबी पूर्व जिला पंचायत सदस्य इमरान को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि पूर्व जिला पंचायत सदस्य की तरफ से वादी को धमकाकर हाजी इकबाल के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा था।
कोतवाली प्रभारी सूबे सिंह ने बताया कि गत 24 अप्रैल को गांव शफीपुर निवासी मेघराज ने थाने में तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि गांव मगनपुरा निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य इमरान और अन्य खनन कारोबारी उस पर हाजी इकबाल के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। मेघराज का आरोप है कि इमरान ने उसे धमकी दी कि यदि उसने मुकदमे वापस नहीं लिए तो उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही झूठे मुकदमे में फंसा कर जान से मारने की धमकी भी दी गई। मिर्जापुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था। रविवार सुबह पुलिस टीम पूर्व जिला पंचायत सदस्य इमरान को घर से गिरफ्तार कर लिया।
बता दें, कि हाजी इकबाल उर्फ बाला के खिलाफ अवैध खनन,जमीन कब्जाने और धमकी देने समेत कई मामले दर्ज हैं। कुछ दिन पहले लखनऊ की पीएमएलए की विशेष कोर्ट ने हाजी इकबाल को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था। फरवरी माह 275 करोड़ रुपये की 50 संपत्तियां कुर्क हुई थीं। इससे पहले भी 203 करोड़ की 148 संपत्तियां चिह्नित की जा चुकी हैं। गैंग से जुड़ी कई बेनामी संपत्तियां भी हैं, जिनकी पहचान की जा रही है।