पुवांरका। शहर से लेकर गांवों तक सरकार सड़कों का जाल बिछा रही है वहीं चकहरेटी ब्लॉक के पास से खुर्द, जमालपुर, सलेमपुर गाड़ा सहित कई गांवों को जोड़ने वाला मार्ग कई वर्षों से बदहाल है। इस मार्ग पर बरसात में कीचड़ रहता है, जिस कारण श्मशान व कब्रिस्तान तक शव को ले जाना दुश्वार हो जाता है। चकहरेटी निवासी मोहम्मद सरफराज ने अमर उजाला के मेरी आवाज सुनो कॉलम में शिकायत भेजी थी।
मंगलवार को पड़ताल की गई तो पाया कि एक किलोमीटर से अधिक दूरी तक यह मार्ग पूरी तरह कच्चा व धूल मिट्टी से भरा है। इससे खुर्द, जमालपुर, सलेमपुर गाड़ा, पाडली खुशहालपुर आदि कई गांवों के ग्रामीणों को दिक्कत का सामना करना पड़ा रहा है। सड़क पर बने गहरे गड्ढे और धूल मिट्टी राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बने हुए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के मौसम में रास्ते पर डेढ़ से दो फीट पानी भर जाता है जिससे लोग अंतिम संस्कार करने व जनाजा दफनाने के लिए शहर का रुख करना पड़ता है।
चकहरेटी निवासी मोहम्मद सरफराज का कहना है कि कई वर्षों से यह मार्ग बदहाल है। बरसात में रास्ते पर कीचड़ व जलभराव के कारण लोगों को काफी दिक्कत उठानी पड़ती है ऐसे में अंतिम संस्कार के लिए नुमाइश कैंप शवदाह गृह व जनाजा दफनाने के लिए माहीपुरा जाना पड़ता है।
महावीर कश्यप का कहना है कि रास्ते पर बने गहरे गड्ढे पैदल चलने वालों व दोपहिया वाहनों के साथ-साथ भारी वाहनों के लिए भी मुसीबत बने हैं। शिकायत के बावजूद संबंधित विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा।
श्यामलाल सैनी का कहना है कि कब्रिस्तान, श्मशान घाट की सड़क को बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा सकी।
मोहम्मद शेरखान का कहना है कि मार्ग के बदहाल रहने से लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा है। मानसून आने से पहले ही सड़क का निर्माण किया जाए, जिससे सड़क पर उड़ रही धूल मिट्टी से लोगों को निजात मिल सके।