छुटमलपुर। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को डाट काली मंदिर से जोड़ने वाले वायाडक्ट(पुल) में दरारें आ गई हैं। कई जगह से यह धंस गया है, जिस पर मरम्मत कार्य कर लीपापोती की गई। पिछले तीन माह से पहाड़ियों के स्थिरीकरण के नाम पर इसे वाहनों के लिए बंद भी किया हुआ है। ऐसे में 34 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए 1300 मीटर लंबे इस वायाडक्ट की गुणवत्ता पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
बता दें कि 12,000 करोड़ रुपये की दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे परियोजना के शुरुआती चरण में इस वायाडक्ट के निर्माण की कोई योजना नहीं थी। जैसे-जैसे काम पूरा हुआ और 12 किलोमीटर लंबा एशिया का सबसे लंबा वन्यजीव गलियारा एलिवेटेड रोड के रूप में बनकर तैयार हुआ तो इसकी आवश्यकता महसूस हुई।
पश्चिमी यूपी के शहरों सहित दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के श्रद्धालुओं की डाट काली माता के मंदिर तक सुरक्षित पहुंच बनाने के लिए योजना के अंतिम चरण में उपरिगामी पुल बनाने का निर्णय लिया गया। इसके बाद 1.3 किलोमीटर लंबे वायाडक्ट का निर्माण किया गया।