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Saharanpur News: 500 रुपये के नोटों की जांच में ही मिले 17 करोड़ की जाली करेंसी

Wed, 02 Sep 2026 01:06 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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सहारनपुर। पीएनबी की करेंसी चेस्ट में जाली नोटों की मिलने की जांच आगे बढ़ने के साथ जाली नोटों की संख्या भी बढ़ सकती है। अभी तक की जांच में करेंसी चेस्ट में मौजूद 500 रुपये के नोटों की ही जांच की गई है। इन नोटों की जांच में ही करीब 17.03 करोड़ रुपये के नोट जाली पाए गए हैं।
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घंटाघर स्थित पीएनबी की करेंसी चेस्ट में जाली नोटों के मिलने का सिलसिला जारी है। 7.40 करोड़ रुपये से शुरू हुई राशि 17 करोड़ रुपये के पार जा पहुंची है। इसमें अभी तक अधिकारियों ने 500 रुपये के नोटों की ही जांच की है, जबकि करेंसी चेस्ट में 50, 100 और 200 रुपये के नोटों की जांच की जाना बाकी है। माना जा रहा है कि इन नोटों में भी जाली नोट मिल सकते हैं। ऐसे में करेंसी चेस्ट में मिले जाली नोटों की संख्या में और राशि में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
टीम अब अन्य नोटों के बंडलों की जांच कर रही है। टीम द्वारा एक-एक नोट को हाथ और मशीन के जरिये परखा जा रहा है। टीम की मंशा हर नोट की डबल जांच कर यह पता लगाना है कि जो नोट करेंसी चेस्ट में रखे गए हैं वह कितने पुराने हैं। आमतौर पर करेंसी चेस्ट में करीबन 200 करोड़ रुपये का कैश जमा रहता है। इतनी बड़ी संख्या में नोटों की जांच करने में काफी समय लगता है। एक बंडल में पांच लाख रुपये की कीमत की दस गड्डी राखी जाती है। ऐसे में 17 करोड़ रुपये के जाली नोटों के करीब 340 बंडल बनते हैंं। इतनी बड़ी संख्या में जाली नोट करेंसी चेस्ट में देखकर जांच कर अधिकारी भी हैरान है।
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- हर करेंसी चेस्ट की जांच के दिए गए निर्देश
करेंसी चेस्ट में जाली नोट मिलने के बाद मुख्यालय भी अलर्ट हो गया है। इतनी बड़ी संख्या में जाली नोट मिलने के बाद मुख्यालय की तरफ से सभी करेंसी चेस्ट में जांच करने के निर्देश दिए हैं। जिले में पंजाब नेशनल बैंक की दो करेंसी चेस्ट हैं। एक महानगर और दूसरे गंगोह में। फिलहाल महानगर स्थित करेंसी चेस्ट से लेन-देन रोक दिया गया है। सभी कैश की निकासी और जमा गंगोह स्थित करेंसी चेस्ट की जा रही है। पीएनबी के अलावा जिले में अन्य बैंकों की भी करेंसी चेस्ट हैं।

- यह होती है करेंसी चेस्ट

आरबीआई द्वारा छापी गई नई मुद्रा को बैंक और आमलोगों तक पहुंचाने के लिए देशभर में कई बैंकों की शाखाओं का इस्तेमाल करेंसी चेस्ट के तौर पर किया जाता है। करेंसी चेस्ट एक तरह से स्टोर हाउस होता है। यहीं पर आरबीआई से रुपये आते हैं और इन्हीं शाखाओं के जरिये आरबीआई को रुपये भेजे जाते हैं।
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