सरसावा। नगर पालिका परिषद की करोड़ों रुपये मूल्य की नजूल भूमि को लेकर विवाद सामने आया है। पालिका के विपक्षी सभासदों ने आरोप लगाया है कि भूमि का खसरा नंबर बदलकर फर्जी तरीके से बैनामा कराया गया है और पूरे मामले में नगर पालिका प्रशासन संदिग्ध चुप्पी साधे है।
पालिका के सभागार में बृहस्पतिवार को सभासद डॉ. सचिन चौधरी, राजेश चावला, राकेश साहनी, नीलू सैनी, विनय कश्यप आदि ने अधिशासी अधिकारी के नाम एक ज्ञापन मुख्य लिपिक को सौंपा। उन्होंने कहा कि सब्जी मंडी स्थित नजूल की भूमि का कुछ लोगों ने फर्जी तरीके से बैनामा अपने नाम करा लिया। अभिलेखों में यह भूमि खसरा संख्या 439 के रूप में दर्ज है, जबकि हाल ही में हुए बैनामे में खसरा संख्या 441 दर्शाई गई है।
आरोप है कि दस्तावेजों में भले ही खसरा नंबर 441 अंकित किया गया हो, लेकिन मौके पर दिखाई गई भूमि खसरा संख्या 439 की ही है, जो नगर पालिका की नजूल भूमि है। सभासदों ने बताया कि उक्त भूमि पर वर्षों से फल और सब्जी विक्रेता काबिज है तथा मेहनत मजदूरी करके अपने परिवारों का पालन-पोषण कर रहे हैं। हाल ही में नगर पालिका द्वारा इन दुकानदारों को दो दिन के भीतर जगह खाली करने के नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, साथ ही चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर कोई समाधान नहीं होता है तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान नवीन पंवार, राव अखलाक, कमल रोहिला, सोनू शर्मा, राव शमशाद आदि रहे।
उधर, अधिशासी अधिकारी राजीव कुमार ने नंबर बदल कर बैनामा कराने के आरोपों को निराधार बताया है। कहा कि फड़ वाली जमीन को कब्जे में लेकर चहारदीवारी कराई जाएगी। यदि कोई व्यक्ति सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश करेगा उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।