पालिका बोर्ड की मीटिंग में हंगामा करते सभासद
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सत्तापक्ष के सभासदों ने किया पालिकाध्यक्ष के खिलाफ हंगामा
सरसावा। नगर पालिका बोर्ड की बैठक में पालिका प्रशासन की कार्यशैली को लेकर सत्तापक्ष के सभासदों ने अपनी ही पार्टी के पालिकाध्यक्ष के खिलाफ हंगामा किया। वहीं, सियासी रंग बदलते हुए पालिकाध्यक्ष 17 विपक्षी सभासदों के बलबूते प्रस्ताव को पास कराने में कामयाब हो गए।
बृहस्पतिवार को 11 बजे नगरपालिका के सभाकक्ष में पालिका बोर्ड की बैठक हुई। अजीब बात यह हुई कि भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीते तथा हर मोर्चों पर पालिकाध्यक्ष को सहारा देने वाले भाजपा के आठ सभासद इस बार पालिकाध्यक्ष के खिलाफ खड़े हो गए। बैठक शुरू होते ही सभासदों ने पालिकाध्यक्ष पर आरोपों की झड़ी लगा दी। उनका कहना था कि मार्च के 9 माह बाद बैठक हो रही है। सभासद अनुज कांबोज, राकेश साहनी, संजय वाधवा, संजय शर्मा, सुनीता पंवार, निधि कांत कपिल, विनोद भाटला आदि ने विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाया। करीब पौने 7 करोड़ रुपए का लेखा-जोखा जबरदस्ती पास कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस पर सभासद अयूब अंसारी तथा राकेश साहनी के बीच नोकझोंक हुई।
पहली बार विपक्ष की भूमिका निभा रहे सत्ता पक्ष के सभासदों के दबाव में सदन की कार्रवाई सदन में ही दर्ज की गई जबकि अब तक कार्यवाही बाद में दर्ज की जाती थी। हालांकि इसी बीच पालिकाध्यक्ष बिजेंद्र मोगा ने विपक्ष के 17 सभासदों के साथ सब एजेंडे पास कहते हुए सदन छोड़ दिया। जबकि 8 सभासदों ने पालिकाध्यक्ष पर मीटिंग को बीच में छोड़कर चले जाने का आरोप लगाते हुए काफी देर तक सदन में हंगामा करते रहे।
बिजेंद्र मोगा का कहना है कि विपक्षी सभासदों के आरोप सरासर गलत है यदि किसी को कोई आपत्ति है तो वह उनसे या कार्यालय में आकर जानकारी प्राप्त कर सकता है। पालिकाध्यक्ष के सदन छोड़ने के सवाल पर ईओ सुनील कुमार सरोज ने कहा कि मीटिंग समाप्त हो गई थी तथा समस्त कार्रवाई रजिस्टर में दर्ज हो चुकी थी।