सहारनपुर। बकाया गृहकर एवं जलकर पर आम नागरिकों के घरों को सील करने की कार्रवाई करने वाले नगर निगम का सरकारी भवनों पर करोड़ों रुपया बकाया है। बड़े बकायेदारों में कलक्ट्रेट से लेकर आयकर विभाग और डाक विभाग तक शामिल हैं। नगर निगम ने इन विभागों के नाम सार्वजनिक करते हुए एकमुश्त समाधान योजना का लाभ उठाने की अपील की है। इसमें विभाग मूल टैक्स जमा कर लाखों रुपये का ब्याज देने से बच सकते हैं।
टैक्स वसूली के लिए नगर निगम में एकमुश्त समाधान योजना शुरू हुई है, जो 15 अगस्त से 15 दिसंबर 2026 तक चलेगी। इसमें वसूली बढ़ाने के लिए नगर आयुक्त शिपू गिरि ने तीनों जोनल अधिकारियों को 25-25 बड़े बकायेदारों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। खास बात यह है कि बड़े बकायेदारों में अनेक सरकारी विभाग शामिल हैं, जिनमें कलक्ट्रेट भी शामिल है।
कर अधीक्षक सुधीर शर्मा ने बताया कि राजस्व निरीक्षक एवं कर संग्रहकर्ता बकायेदारों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर एकमुश्त समाधान योजना के बारे में बता रहे हैं। उन्होंने बताया कि बकायेदार नागरिक या विभाग एकमुश्त समाधान योजना के तहत मूल टैक्स जमा कराते हुए ब्याज देने से खुद को बचा सकते हैं। उन्होंने बताया कि अनेक विभागों के टैक्स में 28 से 30 लाख रुपये तक ब्याज लगा हुआ है।
प्रमुख सरकारी विभाग और उनपर बकाया टैक्स
विभाग का नाम-बकाया टैक्सब्याज
आयकर भवन कोर्ट रोड-3.22 करोड़-28.23 लाख
डाक खाना रेलवे रोड-3.19 करोड़-31.02 लाख
डाक खाना मिशन कम्पाउंड-6.78 करोड़-66.98 लाख
कलक्ट्रेट परिसर के विभाग80 लाख-17 लाख