सहारनपुर। स्मार्ट सिटी सहारनपुर में नगर निगम के वाहन ही यातायात के नियमों को तोड़ रहे हैं। नगर निगम के बड़ी संख्या में वाहन बिना नंबर प्लेट के ही सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इसमें कई वाहन खटारा हो चुके हैं। संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारी इन पर कार्रवाई करने से बच रहे हैं।
नगर निगम के बेडे़ में वर्तमान में 180 से अधिक छोटे और बड़े वाहन हैं। इनमें सीवर की सफाई, कचरा उठान के लिए ट्रक और छोटा हाथी तथा बाजारों से सूखा व गीला कचरा अलग-अलग लेने वाले छोटे-बड़े वाहन शामिल हैं। खास बात यह है कि अनेक वाहनों पर नंबर प्लेट आज तक नहीं लगी है, जबकि इनमें कई वाहन दस साल की अवधि पूरी होने के साथ बेहद जर्जर हाल में है। कई वाहन ऐसे हैं जिनकी बॉडी कई जगह से गल चुकी है। इन वाहनों के इंडीकेटर तक टूटे हुए हैं।
इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की पकड़ में नहीं आ रहे निगम के वाहन
महानगर में यातायात के नियमों को ताड़ने वाले वाहनों पर नजर नगर निगम में बने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से रखी जा रही है। ऑनलाइन चालान भी सेंटर से ही काटे जा रहे हैं, लेकिन बिना नंबर प्लेट दौड़ रहे नगर निगम के वाहनों इसकी पकड़ में नहीं आ रहे है और न ही चौराहों पर लगे पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए इनको चेतावनी दी जा रही है।
नगर निगम के प्रमुख वाहन
कचरा भरने के लिए जेसीबी 05
कचरा उठान के लिए ट्रक 13
रोबोट मशीन 02
टेंपो, छोटा हाथी आदि करीब 65
संभागीय परिवहन विभाग नहीं करता कार्रवाई
कचरे से लदे नगर निगम के ज्यादातर वाहन देहरादून रोड से गुजरते हैं। संभागीय परिवहन निगम का कार्यालय देहरादून रोड स्थित टीपी नगर में है, लेकिन आज तक नगर निगम के बिना नंबर प्लेट वाहनों को रोककर चेतावनी तक नहीं दी गई है। सवाल यह है कि संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारी आम जनता और सरकारी वाहनों के लिए अलग अलग नियम क्यों रख रहे हैं।
नगर निगम के सभी वाहनों का पंजीकरण संभागीय परिवहन विभाग में हुआ है। नए वाहनों पर नंबर प्लेट भी हैं। पुराने कितने वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं है। इसकी पड़ताल कराकर नंबर प्लेट लगवाई जाएगी। प्रयास यही रहेगा कि निगम के सभी वाहन यातायात के नियमों के साथ संचालित हों।
- रवीश चौधरी, प्रभारी, गैराज, नगर निगम
यह बात सच है कि नगर निगम की अनेक गाड़ियां बिना नंबर प्लेट के दौड़ रही हैं। इनमें कई वाहनों की फिटनेस भी नहीं है। निगम के जो वाहन हैं, उनके फिटनेस और रजिस्ट्रेशन का प्रावधान है। बीते दिनों हुई बैठक में नगर आयुक्त से वाहनों का रजिस्ट्रेशन कराने और फिटनेस के लिए अनुरोध किया गया था। उनका कहना था कि नई गाड़ियां आ रही हैं, जिसके बाद खटारा वाहनों को बाहर कर दिया जाएगा।
- आरपी मिश्रा, एआरटीओ प्रवर्तन