सहारनपुर। नगर निगम ने 300 से अधिक बड़े बकाएदारों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें घंटाघर और रेलवे रोड स्थित दो होटल भी शामिल हैं, जिन पर क्रमश: 84.5 लाख और 30 लाख रुपये बकाया हैं। सात दिन में कर जमा नहीं कराने पर कुर्की की कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है। नोटिस के बाद से होटल स्वामियों सहित सभी संबंधित बकाएदारों में खलबली मची है।
महानगर में करीब 1.42 लाख भवन नगर निगम में पंजीकृत हैं। इनमें आवासीय और व्यावसायिक सभी प्रकार के भवन शामिल हैं। नगर निगम बीते कई माह से बकाएदारों के भवनों को सील करने की कार्रवाई करता आ रहा है। 50 हजार रुपये से अधिक बकाए वाले 40 से 100 गज तक के भवनों को सील किया गया है, लेकिन 85 लाख रुपये तक के बकाएदार होटलों सहित अन्य व्यावसायिक भवनों पर संबंधित अधिकारी मेहरबान रहे। अब नगर आयुक्त बदलने के बाद बड़े बकाएदारों की बारी आई है, जिन पर तभी कार्रवाई हो जानी चाहिए थी, जब उनका बकाया 50 हजार रुपये को पार किया था। बहरहाल, अब 300 बड़े बकाएदारों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें घंटाघर स्थित एक होटल पर 84,96,701 रुपया बकाया है। यह महानगर का सबसे बड़ा कर बकाएदार है। हालांकि उक्त होटल कई साल से बंद है। इसके बाद रेलवे रोड स्थित एक अन्य होटल पर करीब 30 लाख रुपया बकाया बताया जा रहा है। यह होटल भी लगभग बंद ही है। इनके अलावा कई निजी अस्पताल, बैंक्वेट हॉल और सरकारी भवन भी हैं, जिनको नोटिस भेजा गया है।
कई होटलों पर गलत कर निर्धारण
नगर निगम में चर्चा है कि महानगर के कई होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का कर निर्धारण ठीक नहीं है। आरोप है कि अधिकारियों ने जान बूझकर कर कम लगाया हुआ है। इनमें दिल्ली रोड स्थित एक होटल, कलक्ट्रेट स्थित एक मिष्ठान भंडार तथा रेलवे स्टेशन के नजदीक एक अन्य होटल सहित कई भवन शामिल हैं।
बड़े बकाएदारों पर अगस्त में होगी कार्रवाई : सीटीओ
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी रवीश चौधरी ने बताया कि कर बकाएदारों से वसूली का अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसके लिए विभाग की टीमें वार्डों में जाकर शिविर करती हैं। इसके अलावा बकाएदारों के भवनों को सील भी किया गया है। अब बड़े बकाएदारों को पुन: नोटिस इसलिए जारी किए गए हैं, जिससे कि अगस्त माह में होने वाली कार्रवाई में उनके पास कहने के लिए यह न रहे कि उनको नोटिस नहीं भेजा गया था। यदि वह कर जमा नहीं कराते हैं तो निश्चित रूप से निगम कड़ी कार्रवाई करेगा।