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सीवर लाइन बिछी पर जलभराव से नहीं मिली निजात

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पुराना कलसिया रोड पर कच्चा नाला। - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। पुराना कलसिया रोड से सटी कॉलोनियों के लोग जलभराव का दंश झेल रहे हैं। करीब एक किलोमीटर लंबे रोड पर जगह-जगह जलभराव कई साल से लोगों की परेशानी का कारण बना हुआ है। यह हाल तब है जब सीवर लाइन बिछा दी गई है। जलभराव होने की प्रमुख वजह यह भी है कि सड़क के दोनों ओर नाला नहीं होना है। स्थानीय लोग नगर निगम पर भेदभाव के चलते क्षेत्र में विकास कार्य नहीं कराने का आरोप लगा रहे हैं।
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नगर निगम ने करीब पांच साल पहले पुराना कलसिया रोड पर मातागढ़ से म्यूनिसिपल कॉलोनी तक सीसी रोड का निर्माण कराया था, लेकिन अगले ही साल उक्त मार्ग पर जल निगम ने सीवर लाइन डालने का कार्य शुरू कर दिया। सीवर लाइन डालने के लिए सड़क की एक साइड को जेसीबी से उखाड़ा गया था, लेकिन सीवर लाइन डालने के बाद सड़क को दुरुस्त नहीं कराया गया। इसके अलावा पुराना कलसिया रोड पर नाला तक नहीं बनवाया गया। रोड से सटी कॉलोनियों में कहीं नालियां ही नहीं हैं और यदि हैं तो बेहद पुरानी और जर्जर हैं, जिनकी कभी सफाई नहीं की जाती है। इसकी वजह से कॉलोनियों से निकलने वाला पानी गलियों से होते हुए सीधे सड़क पर आकर भर रहा है। ऐसा करीब पांच साल से हो रहा है। करीब एक किलोमीटर लंबी सड़क पर तीन से चार जगह भारी जलभराव है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उक्त क्षेत्र में खास आबादी रहती है, जिसकी वजह से नगर निगम का ध्यान इस क्षेत्र में विकास कार्य कराने का नहीं है। उन्होंने निगम अधिकारियों पर जान बूझकर क्षेत्र की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
मार्ग पर हैं कई स्कूल, श्मशान और कब्रिस्तान
पुराना कलसिया रोड से शहरी कॉलोनियां ही नहीं, बल्कि शकलापुरी, ज्ञानागढ़, बिशनपुर, खुब्बनपुर, हसनपुर, सरकड़ी, सूमली तक के लोग गुजरते हैं। इसके अलावा इस मार्ग से एचएवी इंटर कॉलेज, जेवी जैन इंटर कॉलेज, श्री हिन्दू कन्या इंटर कॉलेज, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, मुन्नालाल कॉलेज की छात्र और छात्राएं गुजरती हैं। इसी मार्ग पर श्मशान घाट और कब्रिस्तान भी है। कई बार शव लेकर निकलने में परेशानी होती है।
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स्मार्ट सिटी योजना का है खास रोड
स्मार्ट सिटी योजना के तहत एबीडी (एरिया बेस्ड डेवलपमेंट) क्षेत्र चिह्नित किया गया है, जिसका पुनर्विकास होना है। इसमें शहर के 21 वार्ड शामिल हैं। पुराना कलसिया रोड के जिस हिस्से पर जलभराव है। जिन कॉलोनियों में नाले और नालियां नहीं हैं। वह सभी एबीडी क्षेत्र का हिस्सा हैं। ऐसे में लोग नगर निगम के साथ ही स्मार्ट सिटी योजना पर भी सवाल उठा रहे हैं।
स्थानीय लोगों की पीड़ा
मोहम्मद आसिफ का कहना है कि वह छह साल से जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। प्रतिदिन छात्र और छात्राएं साइकिलें लेकर पानी में गिरते हैं। लंबे समय से जलभराव के कारण सड़क में गड्ढे हैं, जो जलभराव की वजह से नजर नहीं आते हैं। इसीलिए लोग गिरते हैं।
गेसूदराज ने बताया कि नगर निगम की ओर से न तो सड़कें बनवाई जा रही हैं न ही नाले और नालियां। इसकी वजह से कॉलोनियों से निकलने वाला पानी सड़कों पर रहता है। अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट और कब्रिस्तान में शव ले जाने तक में लोगों को परेशानी होती है। निगम अनदेखी कर रहा है।
अब्दुल का कहना है कि पुराना कलसिया रोड का यह क्षेत्र शहर के सबसे पिछड़े क्षेत्रों में से एक है। नगर निगम के अधिकारी इधर आना तक पसंद नहीं करते हैं। क्षेत्रीय लोग कई बार सड़क और नाला बनवाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन शायद क्षेत्र के लोग महापौर और नगरायुक्त की प्राथमिकता से बाहर है।
मैंने महानगर के जलभराव वाले लगभग सभी क्षेत्रों का दौरा किया है। अधिकारियों को जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए योजना बनाने को कहा गया है। हमारा प्रयास यही है कि अगली बरसात से पहले स्थायी समाधान निकाल लिया जाए, जिससे कि कभी जलभराव न हो।
गजल भारद्वाज, नगरायुक्त।

पुराना कलसिया रोड पर जलभराव के बीच से गुजरते वाहन और स्कूली बच्चा।- फोटो : SAHARANPUR

पुराना कलसिया रोड पर म्यूनिसिपल कॉलोनी के पास हुआ कीचड़।- फोटो : SAHARANPUR

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