सहारनपुर में वर्षों से कब्जों में दबी करोड़ों रुपये कीमत की जमीनों को कब्जा मुक्त कराने के लिए नगर निगम पहली बार गंभीर नजर आया है। नगर निगम की टीम ने शहर में तीन जगहों पर निगम की जमीनों को कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई की।
साथ में भारी पुलिस बल होने की वजह से किसी तरह का विरोध नहीं हो सका। नगर निगम ने एक दिन पहले ही तीनों जगहों पर नोटिस चस्पा कर 24 घंटे के भीतर कब्जा छोड़ देने को कहा था। रायवाला क्षेत्र में नगर निगम की कुल 69 बीघा जमीन है, जिसमें से 23 बीघा दो बीस्सा जमीन 1938 में पिंजरापोल सोसायटी को गोशाला के लिए लीज पर दी गई थी।
आरोप है कि लीज की समय सीमा खत्म हो जाने के बावजूद कुछ लोग जमीन से कब्जा नहीं छोड़ रहे थे। इतना ही नहीं उन्होंने जमीन को गलत तरीके से नजूल की दिखाया हुआ था। जब नगर निगम ने जमीन को खाली करने का फरमान सुनाया तो वह हाईकोर्ट चले गए थे।
कोर्ट ने प्रमुख सचिव से इस संबंध में जानकारी मांगी थी। प्रमुख सचिव के आदेश पर डीएम ने जमीन की जांच की, जिसमें यह म्युनिसिपल की निकली थी। इसके बाद कोर्ट ने अपील को खारिज करते हुए प्रमुख सचिव को मामले के निस्तारण के आदेश दिए थे। प्रमुख सचिव ने जिला प्रशासन को जमीन पर कब्जा लेने के निर्देश दिए थे।
सोमवार को नगर निगम की टीम जेसीबी और ट्रैक्टर आदि लेकर रायवाला पहुंची और पिंजरापोल सोसायटी को दी गई 23 बीघा दो बीस्सा जमीन ट्रैक्टर और जेसीबी चलवाकर कब्जा लिया। यहां बाकायदा नगर निगम ने अपने बोर्ड भी लगा दिया हैं। इस दौरान कोतवाली मंडी पुलिस बड़ी संख्या में तैनात रही।
यहां से टीम सीधे लेबर कॉलोनी स्थित पार्क की जमीन को कब्जा मुक्त कराने पहुंची। यह जमीन करीब एक हेक्टेयर है। यहां भी जेसीबी ने तमाम अवैध निर्माण और सामान को हटाया। भारी पुलिस बल साथ होने की वजह से कोई भी निगम की कार्रवाई का विरोध नहीं कर सका।
यहां से निपटने के बाद पूरी टीम राकेश टाकिज के पीछे नगर निगम की जमीन पर हुए अस्थाई कब्जे को हटाने के लिए पहुंची। चेतावनी के बावजूद यहां कब्जा करने वालों ने सामान नहीं हटाया था। नगर निगम ने जेसीबी के माध्यम से सामान को हटवाया। भारी संख्या में सामान जब्त भी किया गया। टीम का नेतृत्व सहायक नगरायुक्त मंगलेश ने किया। उनके साथ संपत्ति अधिकारी केशव प्रसाद समेत अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।