सहारनपुर। नगर निगम शहर की स्वच्छता में कितना कामयाब है, इसकी सच्चाई महानगर की गली मोहल्लों में पड़े गंदगी के ढेर बता रहे हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण चल रहा है उसके बावजूद भी नगर निगम के सफाई कर्मचारी गलियों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। निगम अधिकारियों ने भी गंदगी से मुंह मोड़ा हुआ है। नगर निगम प्रशासन मुख्य मार्गों पर सफाई के दावों से ही स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 की परीक्षा में पास होने का दावा कर रहा है।
मोहल्लों में सड़कों पर ही नहीं नालियों में भी गंदगी
- महानगर में कालोनियों की गलियों में सड़कों पर ही नहीं बल्कि नालियों में भी गंदगी भरी पड़ी है। जनता शिकायत करती है उसकी सुनवाई तक नहीं होती। जनता का मानना है कि अगर स्वच्छता सर्वेक्षण टीम ने महानगर के मुख्य मार्ग और कुछ बाजारों को छोड़कर कालोनियों की गलियों का निरीक्षण कर लिया तो नगर निगम प्रशासन की तो पोल खुलेगी ही। साथ ही स्वच्छता सर्वेक्षण की परीक्षा में भी निगम को सम्मान जनक अंक नहीं मिल पाएंगे। क्योंकि निगम के सफाईकर्मी कॉलोनियों की गलियों में सफाई करने पहुंचते ही नहीं हैं। वार्ड 49 में यतीमखाने के पास कई ट्रॉली कचरा पड़ा हुआ है।
शिकायत का नहीं होता समाधान
- पार्षद प्रतिनिधि सईद सिद्दीकी इसकी अनेक बार शिकायत निगम में कर चुके हैं, मगर समाधान नहीं हो पा रहा है। इसी वार्ड के मोहल्ल झोट्टेवाला में बिलाल मस्जिद के पास नालियां अटी हुई हैं। वार्ड 48 के न्यू आवास विकास निवासी अधिवक्ता विजय गुप्ता अनेक बार इसकी शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर कर चुके हैं। बाहरी वार्डों की कॉलोनियों का भी यही हाल है, जिनमें 32 गांव भी शामिल हैं।
डस्टबिन से कुछ बाजारों में सुधार
- महानगर में नेहरू मार्केट, प्रताप मार्केट, शहीद गंज, कोर्ट रोड, मोरगंज, लोहानी सराय, रायवाला, रानी बाजार, चकराता मार्ग बाजार आदि के व्यापारियों ने स्वच्छता में काफी सहयोग किया है। कारण है कि इन व्यापारियों ने अपनी दुकानों पर डस्टबिन रख लिए हैं। इनकी दुकानों का कूड़ा सड़क पर नहीं डलता है।
एक समय होती है सफाई
नगर में केवल सुबह के समय सफाई होती है। चूंकि अब स्वच्छ सर्वेक्षण चल रहा है। ऐसे में कुछ जगहों पर रात में भी सफाई का दावा किया जा रहा है।
2000 सफाई कर्मियों पर है जिम्मा
नगर निगम में 70 वार्ड हैं, जिनमें एक लाख 52 हजार मकान पंजीकृत हैं। शहर की आबादी करीब 10 लाख है। शहर की सफाई के लिए नगर निगम के पास करीब 2000 सफाईकर्मी हैं।
नगर में सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने के कार्य लगातार हो रहे हैं। सफाई कर्मियों की टीमें नियमित कार्य कर रही हैं, जो कमियां हैं उन्हें भी दूर किया जा रहा है। - एके त्रिपाठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम।