कचरा मुक्त शहर प्रतियोगिता को निगम ने की दावेदारी
सहारनपुर। नगर निगम सहारनपुर ने फिर कचरा मुक्त शहर (गारबेज फ्री सिटी) प्रतियोगिता के लिए आवेदन किया है। इस बार फाइव स्टार के लिए दावेदारी निगम ने की है। इसके लिए शहर के कूड़ाघरों पर सुबह दस बजे के बाद कचरा नजर नहीं आना चाहिए। साथ ही घरों से सूखा और गीला कचरा उठाने की व्यवस्था होनी चाहिए। हालांकि, फाइव स्टार पाने के लिए अभी निगम को बहुत कवायद पूरी करनी होगी।
कचरा मुक्त शहर प्रतियोगिता अलग-अलग स्टार वर्गों में आयोजित होती है। इसमें एक से सात स्टार वर्ग तक प्रतियोगी शामिल होते हैं। फाइव स्टार पाने की दो प्रमुख शर्तें हैं। जिनमें पहली शर्त शहर के कूड़ाघरों से सुबह दस बजे तक कचरे का उठान होना। दूसरी शर्त यह है कि घरों से इकट्ठा किया जा रहा कचरा अलग-अलग यानी सूखा और गीला अलग-अलग लिया जा रहा हो। नगर निगम सहारनपुर ने बीते वर्ष भी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था, मगर फेल हो गया था। इस बार नगर निगम ने मजबूत दावेदारी की है।
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तीन चरणों में पूरी होती शहरों की पहचान
पहले चरण में शहर खुद आवेदन करते हैं। इसके लिए उन्हें अपने पोर्टल पर ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़ी जानकारियां अपलोड करनी होती हैं। दूसरे चरण में थर्ड पार्टी से शहरी निकायों के इन दावों का आकलन किया जाता है। तीसरे चरण में आम लोगों के फीडबैक व फील्ड सर्वेयर जमीनी हकीकत की जानकारी लेते हैं। इसके बाद रेटिंग दी जाती है।
------ स्वच्छता की दिशा में उठाए गए कदम
- कचरा प्रबंधन के लिए बेहट रोड पर जमीन खरीदी गई, जिस पर प्लांट लगाने की तैयारी है।
- शहर में 10 एमआरएफ सेंटर बने, जहां कचरे को अलग-अलग किया जाता है।
- शहर के 142 कूड़ाघरों में से 102 कूड़ाघर खत्म किए गए। वर्तमान में 40 कूड़ाघर हैं।
- कचरा कलेक्शन सेंटरों को पक्का बनाकर शटर लगाए हैं।
- घर-घर से कचरा लेने की व्यवस्था की है। यह बात अलग है अनेक घर इसमें नहीं जुड़े हैं।
- शहर में करीब पांच जगहों पर कॉम्पैक्टर लगाए जा रहे हैं, जहां अधिक कचरे को कम मात्रा में किया जा सकता है।
- घरों से निकलने वाले कचरे को घर में ही निस्तारित करने के लिए होम कंपोस्टिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
----- वर्जन
कचरा मुक्त शहरों की प्रतिस्पर्धा में नगर निगम सहारनपुर प्रतिभाग कर रहा है। कोशिश यही है कि शहर को अधिक से अधिक स्वच्छ बनाया जा सके। शहर को साफ रखने के लिए नगर निगम के साथ ही आम नागरिकों का भी सहयोग जरूरी है।
- ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।