सहारनपुर। दुकान आवंटन के मामले में रेशू मित्तल द्वारा नगर निगम को नोटिस भिजवाने के बाद नगर निगम के अधिकारी हरकत में हैं। बुधवार को निगम अधिकारी अपने रिकॉर्ड में रेशू मित्तल से संबंधित दुकान के कागजात तलाशने में जुटे रहे। जिससे हकीकत का पता चल सके। साथ ही नोटिस का जवाब भी दिया जा सके।
महापौर और नगरायुक्त के नाम भेजे गए नोटिस में रेशू मित्तल ने विवेक जुनेजा को किए गए दुकान के आवंटन को गलत बताया है। उनका कहना है कि दुकान के आवंटन की सही हकदार वह है, क्योंकि अंत में दुकान उनके पास थी और उन्होंने कई साल तक किराया भी निगम को चुकाया है, जिसकी रसीदें उनके पास हैं। साथ ही दुकान का टैक्स भी उनके ही नाम पर आता था। ऐसे में आवंटन उनको होना चाहिए था। उधर, अपर नगरायुक्त राजेश यादव ने बताया कि रेशू मित्तल का दुकान के साथ क्या कनेक्शन रहा है या नहीं। इसकी पड़ताल कराई जा रही है। दुकानों के आवंटन से संबंधित दस्तावेजों को दिखवाया जा रहा है।
निगम है व्यापारी की मौत का जिम्मेदार : मनोचा
सहारनपुर। सहारनपुर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल महानगर इकाई के अध्यक्ष विवेक मनोचा और महामंत्री सुरेंद्र मोहन सिंह चावला ने व्यापारी विवेक जुनेजा की मौत के लिए नगर निगम को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया कि विवेक जुनेजा के पिता से उन्हें जानकारी मिली है कि जिस समय दुकान ध्वस्त की गई थी उस समय विवेक ने दस लाख रुपये का लोन लिया था। लेकिन दुकान टूटने के बाद वह लोन नहीं चुका पाया और लगातार कर्ज में डूबता चला गया। नगर निगम के अधिकारी दुकान आवंटन का आश्वासन देते रहे, लेकिन नहीं किया। इसकी वजह से वह मानसिक तनाव में आता चला गया, जिसके चलते उसकी मौत हुई। व्यापारी सुधीर मिगलानी, गुरविंदर सिंह, रमेश अरोड़ा, पुनीत चौहान, संजय भसीन आदि ने विवेक के लिए न्याय की मांग की।