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योद्धाओं को चपेट में ले रहा कोरोना, सेवाएं हो रही प्रभावित

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सहारनपुर। कोरोना से जंग में ढाल बने स्वास्थ्य कर्मी भी अब तेजी से संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। बीते करीब 15 दिन में आठ चिकित्सक और तीन दर्जन से अधिक स्वास्थ्य कर्मी व उनके परिजन संक्रमित हो चुके हैं। संक्रमित होने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों को होम आइसोलेट किया जा रहा है, जिसका असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है।
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21 अप्रैल में राजकीय मेडिकल कॉलेज के तीन चिकित्सक और पांच अन्य लोग संक्रमित आए, जिनमें परिजन और स्वास्थ्य कर्मी शामिल हैं। 22 अप्रैल को मेडिकल कॉलेज के एक चिकित्सक संक्रमित आए। 23 अप्रैल को मेडिकल कॉलेज के एक कर्मी संक्रमित मिला। सीएचसी रामपुर मनिहारान के भी चार लोग संक्रमित पाए गए। इसी तरह जिला अस्पताल में भी कई चिकित्सक और उनके परिजन संक्रमित हैं। इनमें दो पैथोलॉजिस्ट चिकित्सक भी हैं, जिनमें एक महिला और एक पुरुष चिकित्सक शामिल है। इनके अलावा कई लैब टेक्नीशियन, वार्ड ब्वॉय और स्टाफ नर्स भी संक्रमित हैं। 27 अप्रैल में पीएचसी मुजफ्फराबाद के 20 लोग संक्रमित मिले हैं। चिकित्साकर्मियों के संक्रमित आने का सिलसिला करीब 20 दिन से चल रहा है। स्वास्थ्यकर्मियों के संक्रमित आने की वजह से उन्हें दस से 14 दिन के लिए होम आइसोलेट किया जा रहा है। इसका स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है। हालांकि चिकित्साधिकारी मौजूदा और स्वास्थ्य चिकित्साकर्मियों के सहारे जंग लड़ रहा है।
परिजन संक्रमित हैं फिर भी निभा रहे ड्यूटी
सहारनपुर। कई ऐसे चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी भी हैं, जो खुद तो संक्रमित नहीं हैं, मगर घर में परिजन संक्रमित हैं। ऐसी स्थिति में वह परिजनों की देखभाल करने के साथ ही अपनी ड्यूटी को भी पूरी शिद्दत से अंजाम दे रहे हैं।
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फिजीशियन डॉ. सतीश कुमार की पत्नी और बेटी संक्रमित हैं। वह खुद को बचाते हुए परिजनों की देखभाल करने के साथ ही अपनी सेवा भी जारी रखे हुए हैं। इसी तरह डॉ. शिवेंद्र हैं, जिनकी मां संक्रमित हैं। डॉ. शिवेंद्र सुरक्षित तरीके से मां की देखभाल के साथ ही अपनी ड्यूटी को भी पूरी शिद्दत से निभा रहे हैं। लैब टेक्नीशियन फागू की पत्नी और बेटा संक्रमित हैं। मगर वह अपनी ड्यूटी को अंजाम देने से पीछे नहीं हट रहे हैं। ऐसे ही राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी कई योद्धा हैं, जिन्होंने हार नहीं मानी है और कोरोना से जंग में आम आदमी का सहारा बन रहे हैं।
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