श्री परमहंस सत्संग भवन में प्रवचन करते स्वामी ओंकारानंद सरस्वती।
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सहारनपुर। अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं इंटरनेशनल सोसायटी फॉर ट्रुथ कॉशसनेस के संस्थापक शिक्षाविद विचारक चिंतक एवं परिव्राजक सन्यासी स्वामी ओंकारानंद सरस्वती ने कहा कि खाओ पियो और मौज करो की संस्कृति से कोरोना जैसी भयावह बीमारी आई। उन्होंने लोगों से प्रकृति के करीब रहने की दी सलाह।
स्वामी ओंकारानंद देव भूमि हिमाचल प्रदेश शिमला हिल्स से श्री परमहंस सत्संग भवन गोशाला रोड सहारनपुर में नौ दिन के लिए श्री परमहंस सत्संग भवन में प्रवचन कर रहे हैं। स्वामी ओंकारानंद ने कहा प्रकृति का सम्मान परमात्मा की सबसे बड़ी पूजा है। आज हमारा आचरण प्रकृति विरुद्ध ईश्वर की आज्ञा विरुद्ध हो रहा है, हम खाओ पियो मौज करो कि जिंदगी जीने में व्यस्त हो चुके हैं। इसका नतीजा आज भयावह महामारी कोरोना आपके सामने हैं।
उन्होंने कहा प्राचीन काल से ही सत्संग का बड़ा महत्व है। लोग ऋषि मुनियों के आश्रम में जाकर ज्ञान ध्यान की साधना करते थे। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए ब्रह्मलीन स्वामी हरि प्रकाश महाराज ने सहारनपुर गोशाला रोड में सत्संग भवन का निर्माण कराया, ताकि लोगों में सत्य को अपनाने की क्षमता का विकास हो और असत्य का त्याग करें। स्वामी ओंकारानंद ने कहा कि सुंदर सत्संग भवन में साल के 365 दिन सत्संग होता है। व्हाट्स एप सहित अन्य माध्यमों से आम जनता तक पहुंचाया जा रहा है। स्वामी 31 मार्च तक निवास करेंगे एवं सत्संग का लाभ देंगे। इसमें प्रधान जगदीश चावला, मंत्री यशपाल मैनी, कोषाध्यक्ष यस मलिक प्रचार मंत्री अशोक मैनी, पूर्व प्रधान बलदेव राज आदि ने दर्शन लाभ लिया।