मलिन बस्तियों में कोरोना का फूला दम, संक्रमित मिले कम
सहारनपुर। कोरोना संक्रमण की रफ्तार को थामने के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों की कोविड-19 जांच कराने का लक्ष्य सैंपलिंग विशेष अभियान सोमवार को पूरा हो गया। अभियान में खास बात यह सामने आई कि मलिन बस्तियों में संक्रमण के मामले कम मिले हैं। इन इलाकों में संक्रमण की दर कम होने की वजह से यहां के लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होना बताई जा रही है।
दरअसल, प्रशासन ने 19 नवंबर से लक्ष्य सैंपलिंग का विशेष अभियान शुरू किया था। मलिन बस्तियों में पहले दिन 1400 नमूने लिए गए, जिनमें 9 संक्रमित मिले। जबकि 20 और 21 नवंबर को 1686 नमूने लिए गए। जिनमें 9 संक्रमित मिले। इस तरह मलिन बस्तियों में तीन दिन के भीतर कुल 3086 नमूने इकट्ठा किए गए। इनमें 15 संक्रमित मिले थे।
- रेहड़ी पटरी वालों में सिर्फ एक मिला संक्रमित
22 नवंबर को स्थायी और अस्थायी जेल में 552 सैंपल लिए, जिनमें 05 संक्रमित मिले। 23 नवंबर को बाल एवं बालिका सुधार गृह 440 सैंपल लिए, जिनमें दो संक्रमित मिले। 24 नवंबर को वृद्धाश्रम और नारी निकेतन में 780 सैंपल लिए, जिनमें कोई संक्रमित नहीं मिला। फिर 25 नवंबर को रेहडी पटरी के दुकानदारों के 1087 सैंपल लिए, जिनमें एक संक्रमित मिला। वहीं, 26 नवंबर को 9वीं और 12 वीं तक के विद्यालयों में 1967 के सैंपल लिए, जिनमें दो संक्रमित मिले।
सोमवार तक जिले में संक्रमण कोरोना की स्थिति
कोरोना काल में अब तक 293601 नमूने लिए जा चुके हैं। जिनमें कुल 8963 संक्रमित मिले हैं। जबकि 284587 निगेटिव आए हैं। कोरोना संक्रमित मिलने वालों में 8507 ठीक हो चुके हैं। वहीं, 337 पॉजिटिव सक्रिय मामले हैं। अब तक 119 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी हैं।
------- वर्जन
टारगेट सैंपलिंग के तहत विशेष अभियान चलाया गया। मलिन बस्तियों में 1920 और 21 नवंबर को नमूने लिए गए। मलिन बस्तियों में तीन दिन के भीतर 15 संक्रमित मिले जो बाजारों में हुई रैंडम सैंपलिंग और अन्य स्थानों पर सैंपलिंग की तुलना में कम हैं। मलिन बस्तियों में संक्रमण कम होने की वजह इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होना दर्शाती है।
-- डा. बीएस सोढ़ी, सीएमओ