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जनपद के कई किसानों को भा रही कांट्रेक्ट खेती

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मदनलाल सैनी - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। एक तरफ तीनों कृषि कानूनों के साथ कांट्रेक्ट फार्मिंग का जबरदस्त विरोध हो रहा है। लेकिन जिले में कई ऐसे किसान हैं जो कांट्रेक्ट (अनुबंध) खेती कर मुनाफा कमा रहे हैं। इनमें कोई फूलों की खेती कर रहा है तो कोई धान उगा रहा है। कई किसान औषधीय फसल की खेती भी अनुबंध पर कर रहे हैं। ऐसे किसान कांट्रेक्ट फार्मिंग को फायदे का सौदा बता रहे हैं।
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- बाजार के अनुसार मिल रहा भाव
आलमपुर कलां के निवासी अश्वनी सैनी दिल्ली की गाजीपुर मंडी के आढ़ती फर्म राजू फ्लोरिस्ट के साथ एग्रीमेंट कर ग्लेडियोलस फूल की खेती कर रहे हैं। आढ़ती उन्हें 2.50 रुपये के हिसाब से प्रति बीज देता है। कम से कम 2.50 रुपये प्रति स्टिक (फूल) खरीदने का अनुबंध किया हुआ है। यदि बाजार में अनुबंध से अधिक भाव होंगे तो उन्हें बाजार भाव मिलेगा। इस फसल से तैयार बीज किसान का ही होगा। बेचे गए फूलों का पूरा पैसा बैंक खाते में आता है।
- छह हजार रुपये क्विंटल मिल रहा धान का दाम
गांव कोठड़ी बहलोलपुर निवासी और एग्रोनॉमी में एमएससी संजय चौहान ऑर्गेनिक खेती करते हैं। उन्होंने राजस्थान के व्यापारी गौरव भूरा से बासमती की तरावड़ी प्रजाति के धान बेचने का अनुबंध किया हुआ है। उनका अनुबंध छह हजार रुपये प्रति क्विंटल का है। व्यापारी से उन्हें 30 प्रतिशत धनराशि एडवांस मिल जाती है। इस बार उन्होंने अनुबंध के आधार पर 10 क्विंटल धान व्यापारी को बेचा है। आगामी सीजन के लिए उन्हें 100 क्विंटल धान खरीद की डिमांड मिली है।
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- अनुबंध पर औषधीय खेती
बालपुर, सकलापुरी, हलालपुर और हसनपुर गांव के कई किसान अनुबंध पर औषधीय फसलों की खेती कर रहे हैं। फारमर प्रोडयूसर ऑर्गेनाइजेशन (एफपीओ) चला रहे गांव बालपुर के किसान मदनलाल सैनी ने बताया कि इन गांवों के कई किसान देहरादून की कम्पनी के साथ कांट्रेक्ट फार्मिंग कर रहे हैं। आयुर्वेदिक दवा कंपनी के लिए आरिगेनो, सेज, पारसले, मिंट और थाइम जैसी औषधीय खेती कर रहे हैं। उनका यह तर्जुबा अच्छा साबित हो रहा है।

अश्वनी सैनी- फोटो : SAHARANPUR

संजय चौहान- फोटो : SAHARANPUR

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