सहारनपुर के बेहट के आरक्षित वन क्षेत्र शिवालिक जंगल की बड़कला रेंज की खेरों वाली बीट में सैन्य अभ्यास के दौरान होने वाली फायरिंग में निकलने वाले गोले के ठेके की अवधि समाप्त होने के बावजूद भी फायरिंग के अवशेषों की चुगान लगातार जारी है।
पूर्व ठेकेदार ही अपने कारिंदों से जंगलों में फायरिंग के अवशेषों को इकठ्ठा करवाकर बेच रहा है। गौरतलब है कि शिवालिक वन प्रभाग आरक्षित वन क्षेत्र है। इस आरक्षित वन क्षेत्र में सेना अभ्यास करती है, जिससे गोले के अवशेष जंगलों में रह जाते हैं, जिनका बाकायदा वन विभाग द्वारा ठेका छोड़ा जाता है
इसी क्रम में वर्ष 2016 से वर्ष 2017 जून तक का ठेका बाल विकास समिति शेरपुर पेलो के नाम हुआ था जिसकी अवधि 30 जून को समाप्त हो गयी थी, बावजूद इसके सैन्य अभ्यास से निकलने वाले अवशेषों को शेरपुर पेलो में ठेकेदार द्वारा एक गोदाम में इकठ्ठा कराया जा रहा है और बेचा जा रहा है
जिससे राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है। बादशाहीबाग रेंज से जब इस बारे में पूछा गया तो उनका जवाब था कि कर्मचारी कम होने के चलते न तो सभी अवशेषों को उठाया जा सकता है और न ही अवैध तरीके से काम करने वालों पर कार्रवाई की जा सकती है। बड़कला रेंज के रेंजर शरद कुमार गुप्ता कहते हैं कि यह गंभीर मामला है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।