संवाद न्यूज एजेंसी
देवबंद। सरकारी भूमि पर कब्जा कर इबादतगाह, मदरसे आदि का निर्माण करने को उलमा ने गलत बताया है। उनका कहना है कि इस तरह जमीन कब्जा कर उन पर निर्माण करना शरीयत में जायज नहीं है।
फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना अरशद कासमी का कहना है कि धार्मिक या निजी किसी भी उद्देश्य से अवैध रूप से भूमि पर कब्जा करने से बचना चाहिए। शरीयत में साफ है कि इस तरह से किसी जमीन पर कब्जा कर इबादतगाह, दीनी मदारिस नहीं बना सकते हैं यह जायज नहीं है। मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी ने कहा कि किसी भी जमीन पर अवैध कब्जा कर उस पर इबादतगाह, दीनी इदारा या मकान का निर्माण करना शरीयत की नजर में जायज नहीं है। उन्होंने कहा कि इस्लाम दूसरों के अधिकारों की रक्षा और न्याय का संदेश देता है और किसी की संपत्ति पर जबरन कब्जा करने की अनुमति नहीं देता।
- नागल के मदरसे पर लटका मिला ताला
सहारनपुर। जिला प्रशासन के मस्जिद और मदरसों को नोटिस देने के बाद बुधवार को नागल के छलौली स्थित मदरसे में ताला मिला। ग्रामीणों ने बताया कि मुतवल्ली बाहर हैं। मोबाइल फोन पर मुतवल्ली मोहम्मद तौसीब ने बताया कि मदरसे के निर्माण को करीब 25 साल हो चुके हैं। वर्तमान में मदरसे में करीब 75 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने बताया जमीन पर ग्रामीणों की सहमति से मदरसे का निर्माण कराया था। इसी तरह देवबंद के अंबेहटा शेखा स्थित मदरसे के मुतवल्ली मुर्तजा ने बताया कि मदरसा वर्ष 2001 के आसपास बना था। वर्तमान में इसमें करीब 250 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।