सहारनपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय संविधान को मानने वालों को ही सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। लोकतंत्र में न कोई वीआईपी जिला है और न ही कोई वीआईपी व्यक्ति है।
सिर्फ पांच जिलों को वीआईपी मानकर योजनाओं का लाभ दिया जाना पक्षपात है। प्रदेश के सभी जिले समान हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लाइन लॉस 10 प्रतिशत से कम हुआ तो 24 घंटे बिजली दी जाएगी।
गन्ना किसानों को 23 हजार करोड़ रुपये का पिछला बकाया दिला दिया है। अभी भी तीन ग्रुप पर 1800 करोड़ रुपये बकाया हैं, जिसे सीजन शुरू होने से पहले दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश से माफिया राज खत्म हो रहा है। अवैध बूचड़खाना चलता मिला तो प्रशासन की जवाबदेही तय होगी।
मुख्यमंत्री सोमवार को सुबह लगभग साढ़े 11 बजे सहारनपुर जनमंच सभागार में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित करने के बाद वहां उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 5.75 लाख आवासों की स्वीकृति दी गई थी, लेकिन पूर्व सरकार ने एक भी आवास नहीं बनवाया। भाजपा की सरकार बनी और 2011 की जनगणना का सर्वे देखा तो पता चला कि प्रदेश में 24 लाख लोगों के पास छत नहीं है।
उन्होंने बिना किसी जाति, धर्म के भेदभाव के 2017-18 तक के 9.71 लाख लोगों को मकान दिलाने के लक्ष्य पर काम किया। पूर्व सरकार पर निशाना साधते हुए योगी ने कहा 4 करोड़ 32 लाख राशन कार्ड खैरात की तरह बांट दिए, लेकिन गरीब, जरूरतमंदों का राशन कार्ड ही नहीं बना, जांच कराई गई तो 25 लाख राशन कार्ड फर्जी मिले।
सात लाख परिवारों के पास बिजली का कनेक्शन नहीं था और वे बिजली चोरी करने के लिए मजबूर हो जाते थे। अब कनेक्शन लेना निशुल्क कर दिया गया। सबके यहां मीटर के अनुरूप बिल देंगेे।
उसमें सब्सिडी दी जाएगी। 100 दिन में 8000 ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की गई है। बिजली का बिल उपभोक्ता नियमित देगा तो समस्या नहीं आएगी। इसलिए उन्होंने बाबा साहब के जन्मदिन पर विद्युत वितरण में समानता लाने का काम किया।
योगी ने कहा कि खनन माफिया, भूमाफिया पर नकेल कसी, अवैध बूचड़खानों को 24 घंटे में बंद कराया। अब कोई बूचड़खाना चलता मिला तो अधिकारी जिम्मेदार होंगे। अब तक 36 हजार करोड़ रुपये 86 लाख लघु एवं सीमांत किसानों के फसली ऋण माफ कर दिए गए हैं।
बैंक अब बकाएदार किसानों को नोटिस नहीं देंगे। उन्होंने सहारनपुर को उसका गौरव दिलाने की बात भी कही। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, ग्राम्य विकास राज्य मंत्री महेंद्र सिंह, गन्ना विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा, धर्म सिंह सैनी, सांसद राघव लखनपाल शर्मा, हेम सिंह पुंडीर, विधायक देवेंद्र निम मौजूद रहे।
उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के दौरान कांवड़ यात्रा और भगवान शिव का गुणगान किया। उन्होंने कहा कि कांवड़ लेकर सहारनपुर से गाजियाबाद तक चार करोड़ से अधिक कांवड़ यात्री सड़क पर थे।
प्रदेश में कांवड़ यात्रा सकुशल संपन्न हुई। कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कराई गई। कुछ लोगों ने कांवड़यात्रा में डीजे और लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। उन्होंने खूब बातें सुनीं, लेकिन साथ जवाब दिया कि ऐसा कहने वाले अपनी जुबान पर प्रतिबंध लगाएं, कांवड़ यात्रा पर कोई प्रतिबंध नहीं लगेगा।
कुछ लोगों ने ईद पर सड़कों पर नमाज पढ़ने का मामला उठाया, लेकिन हमने कहा कि जो कार्य परंपरागत रूप से होता आ रहा है, उसे होने दें। मुस्लिम समाज के लोग जहां नमाज पढ़ते आ रहे हैं वहां पढ़ने दें।
कानून के दायरे में रहकर हर कार्य करें, कोई रोक टोक नहीं होगी। जन्माष्टमी के पर्व को रोकने के लिए भी लोगों ने कहा, लेकिन उन्होंने सभी जगह कार्यक्रमों के आयोजन करने के अनुमति दी। कुछ लोगों ने कहा कि वे सरकार में आए तो थानों पर जन्माष्टमी के लिए 5 लाख रुपये देंगे, लेकिन त्योहार और पर्व समाज के पर्व हैं। लोग खुद मनाते हैं। इसमें खैरात बांटने की जरूरत नहीं है।