सहारनपुर। कांग्रेस नेता इमरान मसूद का पार्टी में कद बढ़ाया गया है। उन्हें आल इंडिया कांग्रेस कमेटी में राष्ट्रीय सचिव एवं दिल्ली प्रदेश सह प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से इमरान मसूद को यह जिम्मेदारी दिए जाने के कई राजनीतिक मायने हैं, जो आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चल रही कांग्रेस की तैयारी भी बयां करता है।
दरअसल, इमरान मसूद 2012 में कांग्रेस में शामिल हुए थे। उससे पहले वह समाजवादी पार्टी में थे। तब टिकट को लेकर हुई जद्दोजहद के बाद इमरान ने सपा छोड़ दी थी और कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इसके बाद 2012 में ही इमरान मसद ने नकुड़ विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन उसमें जीत नहीं पाए। इसके बाद 2014 में सहारनपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस के ही टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे। उस चुनाव में भाजपा के राघव लखनपाल शर्मा से वह हार गए थे, मगर दूसरे नंबर पर रहे थे। इसी चुनाव में इमरान मसूद का विवादित बयान (बोटी बोटी) भी सुर्खियों में आ गया था, जिससे इनकी छवि अलग ही बन गई थी। इसके बाद 2017 में इमरान मसूद ने फिर से नकुड़ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और उसमें भी हार गए। फिर 2019 के लोकसभा चुनाव में सहारनपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े और इस चुनाव में वह तीसरे नंबर पर रहे।
इससे पहले कांग्रेस ने इमरान मसूद को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया और प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति का सदस्य भी बनाया था। बृहस्पतिवार को कांग्रेस ने इमरान मसूद को दिल्ली सह प्रभारी नियुक्त किया है, जो अहम जिम्मेदारी मानी जा रही है। उनको जिम्मेदारी मिलने पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुजफ्फरअली, एआईसीसी सदस्य जावेद साबरी और महानगर अध्यक्ष वरुण शर्मा समेत अन्य कांग्रेस पदाधिकारियों ने हर्ष व्यक्त किया।