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Saharanpur News: एक्सप्रेसवे के पुलों की मजबूती परखने को शुरू की कंक्रीट कोर टेस्टिंग

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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर शेरपुर पुल में की गई ड्रिलिंग। संवाद
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- सड़क धंसने, पुल में दरार और दीवार दरकने का एनएचएआई ने लिया संज्ञान
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संवाद न्यूज एजेंसी
छुटमलपुर। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के पुलों में लगातार सामने आ रही खामियों को लेकर जोनल कार्यालय की नाराजगी के बाद निर्माण कंपनी ने कंक्रीट कोर टेस्टिंग का काम शुरू कर दिया है। फिलहाल छुटमलपुर और बिहारीगढ़ के बीच स्थित शेरपुर खानाजादपुर के पुल से इसकी शुरुआत की गई है। इसके तहत प्रत्येक एक मीटर की दूरी पर पुल में एक मीटर गहराई तक ड्रिल करके नमूना लिया जा रहा है।



बता दें कि 12000 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भव्य लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल को किया था। लोकार्पण के बाद पहली बरसात में ही बिहारीगढ़ बाईपास के पुल की सड़क के धंसने, बिहारीगढ़ में फ्लाईओवर की दीवारों के दरकने, डाट काली मंदिर के वायाडक्ट की कंक्रीट में दरार आने और छुटमलपुर बाईपास पर एक्सप्रेसवे के किनारों में कटाव होने की घटनाएं सामने आईं।
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फ्लाईओवर की दीवारों से भी बारिश के दौरान पानी के साथ मिट्टी आने के वीडियो सोशल मीडिया भी तेजी से वायरल हुए हैं। इन्हें देहरादून स्थित क्षेत्रीय कार्यालय से लेकर दिल्ली तक में बैठे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अफसरों ने गंभीरता से लिया है। अधिकारियों की नाराजगी के बाद एक्सप्रेसवे की सड़क और पुलों की गुणवत्ता जांचने का काम शुरू किया गया है। एनएचएआई और निर्माण कंपनी की तकनीकी टीम के सदस्य एक्सप्रेसवे की एक लेन को बंद करके पुल में ड्रिल करके नमूने ले रहे हैं।

क्या हैं कंक्रीट कोर टेस्टिंग



इसके अंतर्गत पुल में ड्रिल करके एक मीटर गहरा बेलनाकार नमूना निकाला जाता है। यह एक प्रकार का सेमी डिस्ट्रक्टिव टेस्ट है। इसका मुख्य उद्देश्य पुल की वास्तविक मजबूती और निर्माण की गुणवत्ता की जांच करना होता है। ड्रिल किए गए हिस्से को देखने से पता चलता है कि कंक्रीट के अंदर कोई खोखलापन, हवा के बुलबुले या दरारें तो नहीं है। पुल के डेक में कंक्रीट की मोटाई का भी इससे पता चलता है। पुल में जिस जगह से बेलनाकार नमूना लिया जाता है वहां हुए छेद को तत्काल विशेष प्रकार के हाई स्ट्रेंथ नॉन श्रिंक गाउट से भरा जाता है।

वर्जन

लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कंक्रीट कोर टेस्टिंग का काम शुरू किया गया है। इसे निर्माण कंपनी द्वारा ही किया जा रहा है। जहां-जहां कमियां पाई जाएंगी उन्हें दूर करने का काम किया जाएगा। - रजनीश कुमार सलाहकार एनएचएआई
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अमानतगढ़ में बनाया गया बंधा भी हुआ क्षतिग्रस्त

फोटो सहित

छुटमलपुर। एक्सप्रेसवे पर एनएचएआई द्वारा अमानतगढ़ में सोलानी नदी पर बनाया गया करीब ढाई सौ मीटर लंबा बंधा भी क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके एक किनारे से कंक्रीट की दीवार ध्वस्त होने के बाद तेजी से पानी निकल रहा है। यदि नदी में पानी का बहाव ज्यादा आता है तो बंधे को ज्यादा नुकसान भी हो सकता है। ऐसी दशा में पानी सर्विस रोड और तकीपुर गांव को जाने वाले रास्ते पर भरने के साथ ही किसानों के खेतों में घुस कर फसलों को भी बर्बाद कर देगा। क्षेत्रीय ग्रामीणों का कहना है कि दो साल पहले इस बंधे का निर्माण कराया गया था। निर्माण सामग्री में मानकों की अनदेखी के चलते बंधा क्षतिग्रस्त हो गया। एनएचएआई के सलाहकार रजनीश कुमार ने बताया कि निर्माण में कोई खामी नहीं थी। बरसात के बाद पानी कम होने पर इसकी मरम्मत कराई जाएगी।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर शेरपुर पुल में की गई ड्रिलिंग। संवाद

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