- छह ब्लाक क्षेत्रों में गिरता भूजल स्तर
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने कहा है कि भूजल का गिरता हुआ स्तर चिंता का विषय है। भूजल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए आमजन की सहभागिता एवं जन आंदोलन के रूप में कार्य करने की आवश्यकता है। जनपद के छह ब्लॉकों में गिरते भूजल के स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए तत्काल उचित उपाए करने के निर्देश दिए।
बुधवार शाम कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय तकनीकी समन्वय समिति की बैठक हुई। उसमें जिलाधिकारी ने भूजल संवर्धन योजना के लिए तैयार प्रस्ताव और डीपीआर की प्री जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बड़े भवनों में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा दिया जाए। स्कूलों कॉलेजों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर जल बचत के लिए जागरूक कराने के कार्यक्रम जैसे परिचर्चा एवं संवाद, निबंध, वाद विवाद एवं चित्रकला प्रतियोगिता, लोक नृत्य और नुक्कड़ नाटक आयोजित कराएं। लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता शरद कुमार ने बताया कि वर्षा जल संचयन एवं भूजल संवर्धन योजना में 01 से 05 हेक्टेयर के 13 तालाबों के पुनर्विकास के प्रस्ताव एवं जिला योजना के अन्तर्गत ग्राउंड वाटर रिचार्ज/चेकडैम निर्माण मद में 04 चेकडैम निर्माण के प्रस्ताव तैयार किए हैं। प्रदेश के 136 अति दोहित विकासखंड में जनपद सहारनपुर के 06 विकासखण्ड (मुजफ्फराबाद, नानौता, पुंवारका, रामपुर मनिहारान, साढौली कदीम एवं सरसावा) शामिल हुए हैं। इनमें भूगर्भ जल विभाग द्वारा रिमोट सेसिंग विधा से माडल डीपीआर तैयार की गई है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रणय सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विनोद कुमार, परियोजना निदेशक दुष्यन्त कुमार सिंह, हाइड्रोलोजिस्ट भूगर्भ विभाग आशीष कुमार तथा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।