सहारनपुर में बीस दिन पहले लापता हुए अधिवक्ता दिग्विजय सिंह राणा और उनके मुंशी विकास की उसी दिन रुड़की में गंगनहर में धक्का देकर हत्या कर दी गई थी।
पुलिस ने घटना में शामिल तीन हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर इसका खुलासा किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक वकील का मुवक्किल है, जिसने फीस के विवाद में अपने दो रिश्तेदारों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर रुड़की गंगनहर से शव बरामद करने का प्रयास कर रही है।
अधिवक्ता दिग्विजय सिंह राणा (38) मोहल्ला हकीकत नगर और उनके मुंशी विकास कुमार ग्राम वाजिदपुर के रहने वाले थे। दोनों गत 24 जून को एक मुकदमे की पैरवी के सिलसिले में रुड़की गए थे और तभी से लापता थे।
इस मामले में पुलिस ने इनके मुवक्किल प्रवीण प्रजापति निवासी कपिल विहार, उसके ममेरे भाई के बेटे अंकुश निवासी ग्राम इमलीखेड़ा हरिद्वार, ममेरी बहन के बेटे प्रवेश निवासी शास्त्रा गंगोह को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने बताया कि प्रवीण का अपनी पत्नी के साथ विवाद हो गया था, पत्नी ने उसे तलाक का नोटिस भेज दिया था। लेकिन वह किसी भी तरह से अपनी पत्नी को वापस लाना चाहता था।
उसने अधिवक्ता दिग्विजय सिंह राणा से मिलकर मामले में समझौता कराने के लिए बात की थी और इसके लिए उन्होंने 75 हजार रुपये ले लिए, इतने ही रुपये और मांग रहे थे।
उसकी पत्नी के लिए भी बार बार अभद्र भाषा का प्रयोग करते थे। इसी खुन्नस में उसने उनकी हत्या की योजना बनाई। घटना वाले दिन ये वकील और मुंशी को दावत के बहाने गंगनहर पर ले गए। नशा होने पर दोनों को गंगनहर में धक्का दे दिया।