सहारनपुर। फर्जी हस्ताक्षर प्रकरण में जांच पूरी हो गई है। दोनों अधिकारियों ने भी लिखित रूप में स्वीकार किया है कि हस्ताक्षर उनके नहीं हैं। लिपिक ने फर्जी हस्ताक्षर कर रखे हैं। जांच पूरी होने के बाद लिपिक पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। महापौर डॉ. अजय कुमार ने भी अपर नगरायुक्त से इस संबंध में बात कर व्यवस्था सुधार के लिए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
गृहकर एवं जलकर विभाग की एक महिला लिपिक ने एक फाइल पर अपने दो वरिष्ठ अधिकारियों मुख्य कर निर्धारण अधिकारी और कर निर्धारण अधिकारी के हस्ताक्षर कर फाइल आगे बढ़ा दी थी, लेकिन मामला संदिग्ध होने पर जब इसकी पड़ताल की गई तो पता चला कि दोनों अधिकारियों के हस्ताक्षर फर्जी हैं। अधिकारियों ने अपर नगरायुक्त राजेश यादव जो कि कर विभाग के प्रभारी भी हैं को लिखित में दिया है कि फाइल पर उनके नाम से हुए हस्ताक्षर फर्जी हैं। इसके बाद लिपिक पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। अपर नगरायुक्त का कहना है कि अधिकारियों के लिखित बयान आ गए हैं। वह अपनी रिपोर्ट नगरायुक्त को सौंपेंगे, जो भी कार्रवाई होनी है वह उनके ही स्तर से होगी।
लिपिक का रुपये मांगने का वीडियो भी आया सामने
गृहकर एवं जलकर विभाग के एक और लिपिक पर गाज गिर सकती है। एक व्यक्ति ने लिपिक का वीडियो अधिकारियों को सौंपा है, जिसमें लिपिक पर फाइल करने के लिए कथित तौर पर रुपये मांगने का आरोप है। उक्त मामले में भी अपर नगरायुक्त राजेश यादव द्वारा जांच की जा चुकी है। जिसमें आरोप सिद्ध हो गए हैं। ऐसे में संबंधित लिपिक पर भी कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
गृहकर एवं जलकर विभाग में लिपिक द्वारा फर्जी हस्ताक्षर प्रकरण तीन दिन से संज्ञान में है। इसमें अपर नगरायुक्त को जांच के निर्देश दिए गए हैं। एक अन्य लिपिक पर रुपये मांगने का आरोप है। उक्त प्रकरण की भी जांच चल रही है। जो भी कर्मचारी या अधिकारी नगर निगम की छवि को धूमिल कर रहे हैं उनको बख्शा नहीं जाएगा।
- डॉ. अजय कुमार, महापौर