- जिले में चीनी मांझे से हो चुकी है कई लोगों की मौत
- चीनी मांझे से मौत पर हत्या की प्राथमिकी के फैसले से जगी उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। 14 फरवरी 2024 को एसी मैकेनिक अतुल शर्मा बाइक पर काम के लिए निकले और फिर कफन में लिपटकर वापस लौटे। वजह कोई और नहीं, बल्कि चीनी मांझा था, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार को जिंदगी भर के लिए गम दे दिया। यह केस महज एक उदाहरण है। ऐसे और भी परिवार है, जिन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ से दिए गए आदेशों के बाद उम्मीद जगी है कि शायद अब न्याय मिलेगा। दरअसल, हाल ही में मुख्यमंत्री ने आदेश दिए हैं कि चीनी मांझे से मौत होने पर अब हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। आइए जानते हैं ऐसे कुछ परिवारों का दर्द, जिनके लिए चीनी मांझा काल साबित हुआ।
केस : 1
थाना कुतुबशेर क्षेत्र में शारदा नगर पुल पर बाइक सवार एसी मैकेनिक अतुल शर्मा दोपहर के समय बाइक पर जा रहे थे। पुल के ऊपर उनके गले में चीनी मांझा लिपट गया, जिससे वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर गए और मौत हो गई थी। मां निशा शर्मा आज भी बेटे को याद करते हुए रोने लगती है। हंसता-खेलता परिवार कब उजड़ गया पता नहीं चला। मां का कहना है कि प्रशासन की तरफ से वादा किया गया था कि दूसरे बेटे को नौकरी दी जाएगी। वह वादा तो पूरा नहीं हुआ, लेकिन मुख्यमंत्री के इस फैसले से शायद दूसरे परिवार इस दुख से बच जाएंगे। चीनी मांझे पर पूरी तरह प्रतिबंध लगना चाहिए।
केस : 2
एक फरवरी 2025 को शहर कोतवाली क्षेत्र में नुमाइश कैंप गोपाल नगर निवासी तुषार धमीजा चीनी मांझे से उलझी पतंग को पकड़ने के लिए छत पर चढ़ा था। पतंग की डोर बिजली के खंभे से जुड़े तारों में फंसी हुई थी। डोर पकड़ने समय तेज करंट लगा था। करंट लगते ही बुरी तरह से झुलस गया था। उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। परिवार के सदस्यों का कहना है कि मौत का मांझा बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
केस : 3
दो फरवरी 2025 को थाना जनकपुरी क्षेत्र के सड़क दूधली में 10 वर्षीय अजीम अपने घरों की छतों पर पतंग उड़ा रहे थे। हाईटेंशन लाइन से टच मांझे को पकड़ते समय करंट लगा था। उसके कपड़ों में आग लग गई थी। बुरी तरह से झुलस गया था। अब शासन ने चीनी मांझे से मौत पर प्राथमिकी दर्ज कराने का फैसला लिया है। इसके भंडारण व बिक्री करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।