सहारनपुर। पिता के डांटने से नाराज छात्र के खुदकुशी का मामला जिले में नया नहीं है। इससे पहले भी कई घटनाएं हुई हैं। परिजनों की डांट, समय से पैसे न मिलने और अन्य किसी बात से नाराज होकर छात्र-छात्राओं ने आत्मघाती कदम उठाया है। छात्र-छात्राओं में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति माता-पिता और अन्य लोगों के लिए चिंता का कारण बन गई है।
पिता के डांटने पर खा लिया था जहरीला पदार्थ
मामला सात मई 2024 का है। देवबंद थाना क्षेत्र के गांव गंगदासपुर में पदम के 18 वर्षीय बेटे सौराज ने जहरीला पदार्थ का सेवन कर जीवन लीला समाप्त कर ली थी। वह 12वीं का छात्र था। उसका शव मनोहरपुर गांव के खेत में मिला था। उसने पिता से सप्लीमेंट के लिए पैसे मांगे थे, लेकिन पिता न देने और डांटने से सौराज ने आत्महत्या कर ली थी।
सिपाही की बेटी ने लगाई फांसी
पुलिस लाइन के सरकारी आवास में सिपाही शिवेंद्र तिवारी की 18 वर्षीय पुत्री गार्गी ने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। यह घटना एक मार्च 2023 को हुई थी। आत्महत्या की वजह पारिवारिक कलह बताई गई थी। उस समय उनके पिता घर पर नहीं थे। गार्गी अकेली थी।
पारिवारिक संस्कारों को बढ़ावा देने की जरूरत
शहर के मनोचिकित्सक डॉ. अमरजीत पोपली ने बताया कि मोबाइल का अधिक परिवार में दूरी बढ़ा रहा है। पारिवारिक संस्कार नहीं मिल पा रहा है। इससे युवाओं और बच्चों में सोचने-समझने की क्षमता कम होती जा रही है। इनमें भाव पक्ष हावी हो रहा है। छोटी-छोटी बातें बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। तर्क नहीं ले पा रहे हैं। इससे आत्मघाती कदम उठा ले रहे हैं। सामाजिक और पारिवारिक संस्कारों को बढ़ावा देने की जरूरत है। अभिभावकों को चाहिए कि वह बच्चों के साथ अधिक समय बिताएं। अगर वह कुछ मांग भी रहा है तो डांटने के बजाय प्यार से समझाएं। कई मामलों में सोशल मीडिया का भी गलत इस्तेमाल होता है।